Una: गगरेट चौक से बड़ा फैसला: नो-पार्किंग और नो-वैडिंग जोन लागू, भारी वाहनों की एंट्री बंद

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गगरेट में लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क किनारे बढ़ती भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। गगरेट चौक से निकलने वाले सभी प्रमुख सड़क मार्गों को नो-पार्किंग और नो-वैडिंग जोन घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हाल ही में उपायुक्त द्वारा जारी की गई अधिसूचना के बाद इस फैसले को लेकर गगरेट के स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि प्रशासन इस बार अपने फैसलों को पूरी दृढ़ता के साथ लागू करता है तो गगरेट की ट्रैफिक व्यवस्था में वर्षों से प्रतीक्षित सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, व्यापारियों को यह आशंका भी है कि यदि पहले की तरह कुछ दिन सख्ती दिखाने के बाद ढील दे दी गई, तो यह प्रयास भी केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। स्थानीय व्यापारी प्रिंस सुधेड़ा, निशांत निशु, अविनाश वर्मा, राजेश ठाकुर, नन्हा ठाकुर, विक्की जसवाल, अखिल, अनिल, सुनील, विपिन, संदीप, विकास शर्मा, मनीष और राकेश ने कहा कि इस बार असली परीक्षा प्रशासनिक मशीनरी की है।

व्यापारियों का कहना है कि आदेश भले ही अच्छे हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इन्हें सख्ती से लागू कर पाता है या फिर कुछ रसूखदार और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों के दबाव में एक बार फिर कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी इसी तरह की अधिसूचनाएं जारी की गई थीं और बाजार में कई स्थानों पर नो-पार्किंग व नो-वैडिंग के बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन कुछ ही दिनों में वे शोपीस बनकर रह गए। न तो नियमित निरीक्षण हुआ और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई, जिसके चलते व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई।

इस बीच उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने स्पष्ट किया है कि इस बार आदेशों को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गगरेट क्षेत्र लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहा है और इससे स्थायी राहत दिलाने के लिए उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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