Kangra: धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग हादसा: गुजरात के युवक की मौत, पायलट पर FIR, अवैध साइट्स पर उठे सवाल

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धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग के दौरान गुजरात के एक युवक की मौत के मामले में घटना के चौथे दिन आखिरकार पुलिस ने पायलट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह मामला धर्मशाला थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत दर्ज किया गया है, जो लापरवाही के कारण हुई मौत से संबंधित है। पुलिस द्वारा की जा रही जांच में यह सामने आया है कि जिस साइट से उड़ान भराई गई थी, वह अवैध और अननोटिफाइड थी। हालांकि अब तक उस साइट को चलाने वाले संचालकों को इस केस में शामिल नहीं किया गया है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के साहसिक खेलों को केवल नियमों के तहत और प्रमाणित स्थानों पर ही संचालित किया जाना चाहिए। हादसे के बाद पायलट सूरज पुत्र संसार चंद, निवासी धर्मशाला, भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, लेकिन अब वह खतरे से बाहर बताया गया है। वहीं मृत युवक की पहचान गुजरात के अहमदाबाद निवासी 25 वर्षीय सतीश राजेश भाई के रूप में हुई है। यह दुर्घटना 13 जुलाई को रविवार दोपहर बाद इंद्रूनाग से सटे ऊपरी क्षेत्र बनगोटू में हुई, जब टेंडम फ्लाइट टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी सामने आई और हादसा हो गया।

घटना में घायल सतीश को तत्काल टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसी रात उसकी मौत हो गई। प्रशासन की ओर से मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन बुधवार को एसडीएम कोर्ट की कार्यवाही के चलते जांच टीम घटना स्थल नहीं पहुंच सकी। अब आने वाले दिनों में टीम उस स्थल पर जाकर मौके की पूरी जांच करेगी और यह देखा जाएगा कि किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं।

एसएसपी कांगड़ा शालिनी अग्रिहोत्री ने जानकारी दी है कि धर्मशाला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और सभी जरूरी जांच व कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। इस हादसे ने धर्मशाला सहित हिमाचल प्रदेश में संचालित हो रही अवैध पैराग्लाइडिंग साइट्स की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोग यह पूछ रहे हैं कि जब यह साइट अवैध थी तो वहां से उड़ान कैसे भरी जा रही थी, और किसके निर्देश पर पर्यटकों को जोखिम में डाला गया?

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता और असंतोष बढ़ा है। सभी का यही कहना है कि साहसिक खेलों को पूरी तरह से नियमानुसार और सुरक्षित तरीके से संचालित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।

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