Himachal: छुट्टी पर घर आए जवान के साथ हुआ दर्दनाक हादसा, पूरे सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र के टोका नंगला गांव में उस समय मातम छा गया, जब भारतीय सेना के जवान लांस नायक मुकेश कुमार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 15 आर्टिलरी रेजीमेंट (फील्ड) के जवानों ने अपने बहादुर साथी को अंतिम सलामी दी। गांव में हर आंख नम थी और परिवार की चीख-पुकार ने माहौल को बेहद गमगीन बना दिया। सैकड़ों लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र के सदस्य भी इस दुखद क्षण में मौजूद रहे और उन्होंने इसे परिवार व देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

लांस नायक मुकेश कुमार का जन्म 25 जून 1996 को टोका नंगला गांव में पिता उजागर सिंह और माता राजबाला के घर हुआ था। 26 जून 2015 को उन्होंने भारतीय सेना की 15 आर्टिलरी रेजीमेंट (फील्ड) में सेवा शुरू की थी और वर्तमान में उनकी तैनाती देहरादून में थी। बचपन से ही मुकेश खेलों और साहसिक गतिविधियों में आगे रहते थे। उनके छोटे भाई मंजीत भी सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि बहन अनीता विवाहित हैं। परिवार बेटे की शादी के सपने देख रहा था, लेकिन अचानक हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

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जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले ही मुकेश छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। 21 मई की सुबह वह अपने पिता और परिवार के साथ खेतों में ट्रैक्टर से गोबर खाद डाल रहे थे। इसी दौरान वह ट्रॉली के पीछे खड़े थे और दुर्भाग्यवश खेतों के पास से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह ट्रॉली से नीचे गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में पोस्टमार्टम के लिए पार्थिव शरीर को डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन भेजा गया।

घटना के बाद सेना की ओर से उप-कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल संजय, नायब सूबेदार अनिल, नायब सूबेदार देवेंद्र सिंह सहित अन्य जवान और भूतपूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी भी परिवार के साथ मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद शाम को जब मुकेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरा माहौल गम में डूब गया। माता-पिता और परिवार की हालत देखकर गांव के लोग भी भावुक हो उठे।

अगले दिन पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। सेना की टुकड़ी और भूतपूर्व सैनिक संगठन ने नम आंखों से अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। छोटे भाई और सैनिक मंजीत ने अपने भाई को मुखाग्नि दी। सेना की ओर से अंतिम सलामी दी गई और “शहीद मुकेश अमर रहें” के जयघोष के साथ एक वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हो गया।

इस मौके पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य, गांव के लोग और सैकड़ों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने लांस नायक मुकेश कुमार की बहादुरी, सेवा और देशभक्ति को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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