धर्मशाला, 7 सितंबर। कांगड़ा जिले में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन अब जागरूकता के साथ-साथ सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने सोमवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
कांगड़ा में सड़क हादसों के आंकड़े चिंताजनक
डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि देश में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। इनमें 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की चुनौती और गंभीर हो जाती है।
बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा जिले में वर्ष 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 111 लोगों की मौत हुई, जबकि 101 लोग गंभीर और 380 लोग मामूली रूप से घायल हुए। वर्ष 2026 में अब तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 गंभीर और 359 मामूली चोटों के मामले सामने आए हैं।
93 प्रतिशत हादसों में मानवीय भूल प्रमुख कारण
सांसद ने कहा कि बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक करीब 93 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में मानवीय भूल प्रमुख कारण सामने आती है। ऐसे में केवल चालान और जुर्माने से समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। लोगों में सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर जागरूकता पैदा करना सबसे जरूरी है।
उन्होंने परिवहन विभाग, एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों से चालकों और परिचालकों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बसों को सड़क के बीच में खड़ा करके सवारियां उतारने से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ता है।
सड़क सुरक्षा अभियान से जनप्रतिनिधियों को जोड़ने पर जोर
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियानों में पंचायत प्रधानों, नगर निगम पार्षदों, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों और सांसदों सहित जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा का संदेश प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
11 स्थानों पर ITMS, अन्य जगहों पर भी विस्तार की तैयारी
सांसद ने बताया कि जिला कांगड़ा में 11 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS स्थापित किए गए हैं। उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी ITMS विकसित करने पर जोर दिया, ताकि यातायात नियमों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
NH के खतरनाक जंक्शनों को सुरक्षित करने के निर्देश
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित जंक्शनों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। जहां जरूरत हो, वहां साइन बोर्ड, ब्लिंकर लाइट्स और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे स्थानों पर जहां संभव हो, स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को भी कहा।
आईटीआई शाहपुर के पास फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशने के निर्देश
सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईटीआई शाहपुर के समीप विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सुविधा व सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने की संभावना तलाशने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास पैदल आने-जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सड़कों पर आवारा पशुओं को लेकर भी सख्ती
डॉ. भारद्वाज ने आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने और सड़कों पर पशुओं को खुला न छोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी
सांसद ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के तुरंत बाद शुरुआती एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करने वाली गुड स्मार्टियंस (राह वीर योजना) की जानकारी भी दी। इसके तहत दुर्घटना पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज
डॉ. भारद्वाज ने पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1 लाख 50 हजार रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा के बारे में भी व्यापक जागरूकता फैलाने को कहा। जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 112 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ATS को लेकर भी दिए जरूरी निर्देश
सांसद ने स्वचालित परीक्षण स्टेशन यानी ATS को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, इसलिए ATS को नियमानुसार ही वाहनों की पासिंग करनी चाहिए, ताकि वाहन पास करवाने वाले लोगों को किसी तरह की शिकायत न हो।
उन्होंने कहा कि वाहन फिटनेस जांच के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े। इसके लिए अधिक ATS केंद्र खोलने के मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों ने दी सड़क सुरक्षा कार्यों की जानकारी
इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा ने जिला कांगड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे विभिन्न कार्यों और उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले आरटीओ विकास जमवाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के गैर-सरकारी सदस्य मौजूद रहे।



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