धर्मशाला, 19 जुलाई: कांगड़ा जिले में आगामी दिनों के लिए जारी भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम विभाग की ओर से 20 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट और 21 व 22 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद उपायुक्त हेमराज बैरवा ने रविवार को जिला अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल वर्चुअल बैठक की। बैठक में संभावित आपदा से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में अगले तीन दिनों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो। उन्होंने नागरिकों और पर्यटकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे नदी-नालों, खड्डों और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों के नजदीक न जाएं तथा मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें।
बैठक में सभी प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी मशीनरी, उपकरण और मानव संसाधन पूरी तरह तैयार रखें। उपायुक्त ने जिला और उपमंडल स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त ने जिला के सभी एसडीएम, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और खतरे की जद में आने वाले पुलों पर वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जाए। जहां संभव हो, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए और जिन क्षेत्रों में वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं हैं, वहां कर्मचारियों और मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि आवश्यक दवाइयों और खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी क्षेत्र के संपर्क कटने की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा पटवारी, पंचायत सचिव और अन्य फील्ड अधिकारियों को जिला मुख्यालय के साथ लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त ने पौंग डैम प्रबंधन को भी निर्देश दिए कि यदि डैम से पानी छोड़ा जाता है तो इसकी पूर्व सूचना निचले क्षेत्रों में समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही बाढ़ संभावित पंचायतों में हूटर, चेतावनी संकेत और डेंजर जोन मार्किंग की व्यवस्था को भी मजबूत करने को कहा गया है।
बैठक में एसपी धर्मशाला, एसपी नूरपुर, एसपी देहरा, अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, जल शक्ति, लोक निर्माण और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सभी एसडीएम, होमगार्ड, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
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