6 घंटे में 220 मिमी बारिश! हिमाचल में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों सड़कें बंद, ट्रेनें-हवाई उड़ानें ठप

हिमाचल में बारिश का कहर: ऊना में टूटा 36 साल पुराना रिकॉर्ड, जनजीवन अस्त-व्यस्त

हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की नींद उड़ा दी है। भारी बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी हालत पैदा कर दी है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

ऊना में रिकॉर्डतोड़ बारिश, 6 घंटे में 220 मिमी!

शनिवार को ऊना में बारिश ने 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सिर्फ 6 घंटे में 220 मिमी और 24 घंटे में 251 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 1988 में एक दिन में 198 मिमी बारिश हुई थी।

बारिश इतनी जबरदस्त थी कि ऊना शहर के करीब 3 किलोमीटर के दायरे में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। इसका असर चंडीगढ़-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर भी दिखा, जहां जगह-जगह जलभराव और मलबा जमा हो गया।

घर-दुकानों में घुसा पानी, ट्रेनें नंगल से लौटीं

रक्कड़, फेंड्रज और डीआईसी कॉलोनी जैसे इलाकों में 36 से ज्यादा घरों और दुकानों में पानी और मलबा घुस गया है। ट्रेनों की बात करें तो भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से ट्रैक पर पानी भर गया, जिसके चलते ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं और कई ट्रेनें नंगल से ही वापस लौट गईं।

403 सड़कें बंद, चंडीगढ़-मनाली हाईवे भी ठप

राज्य में 403 सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंडोह के कैंचीमोड़ में भूस्खलन से 5 घंटे तक ट्रैफिक बंद रहा। कांगड़ा और कुल्लू में हवाई उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं।

सरकारी दफ्तरों में घुसा पानी, पुल धंसे

ऊना में रोटरी बचत भवन और पुराने उपायुक्त कार्यालय भी पानी में डूब गए हैं। पंडोगा पुल पूरी तरह धंस गया है। वहीं होली खड्ड और पेखुबेला खड्ड पर बने पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे संतोषगढ़-ऊना रोड भी बंद हो गया है।

बंजार और लाहौल-स्पीति में भी हालात गंभीर

कुल्लू जिले के बंजार में बठाहड़-सरूट-बशलेउ रोड पर दरारें पड़ने से 6 घर खतरे में आ गए हैं। 37 लोगों को टेंटों में शिफ्ट किया गया है। घलियाड़ गांव में 10 घर खाली कराए गए हैं।

लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में गुरधार नाले पर बना स्टील ब्रिज टूट गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। यहां बिजली और पानी की सप्लाई भी बंद हो गई है।

400 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर और 196 पेयजल योजनाएं ठप

प्रदेश भर में 411 ट्रांसफॉर्मर बंद हो गए हैं और 196 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से पौंग डैम भी खतरे की सीमा के पास पहुंच गया है। बीबीएमबी प्रशासन ने इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

कई घर ढहे, टीमें राहत और बचाव में जुटीं

कांगड़ा जिले में 2 घर पूरी तरह ढह चुके हैं और 17 घरों के साथ 24 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं।

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