हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बनने की इच्छुक महिलाओं के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने इन पदों पर भर्ती के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा बढ़ा दी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब आय सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है। संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इस फैसले से भर्ती के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं का पात्रता दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत अब उन परिवारों की महिलाएं भी आय संबंधी पात्रता पूरी कर सकती हैं, जिनकी सालाना आय पहले तय 50 हजार रुपये की सीमा से अधिक थी, लेकिन 75 हजार रुपये से ज्यादा नहीं है। संशोधित नियमों के अनुसार, उम्मीदवार के परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जिसे निर्धारित सक्षम अधिकारी से प्रमाणित करवाना होगा।
विभाग की अधिसूचना में आय प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए नायब तहसीलदार, तहसीलदार या कार्यकारी मजिस्ट्रेट का प्रावधान किया गया है। यानी आवेदन करने वाली महिलाओं को आय संबंधी दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाणित करवाने होंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने योजना के दिशा-निर्देशों के प्रावधान 4(डी) में संशोधन करके आय सीमा में यह बदलाव किया है। अब भर्ती प्रक्रिया में आय संबंधी पात्रता की शर्त नई सीमा के अनुसार लागू होगी।
सरकार के इस फैसले से निम्न आय वर्ग के परिवारों की अधिक महिलाओं को आंगनबाड़ी भर्ती में आवेदन करने का अवसर मिल सकता है। खासकर विधवा, निराश्रित और एकल महिलाओं को इससे लाभ मिलने की संभावना है, बशर्ते वे भर्ती के अन्य निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करती हों। आय सीमा बढ़ने से प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए अवसर का दायरा बढ़ेगा।


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