धर्मशाला: राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के अंग्रेजी विभाग की ओर से छात्रों को साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से सोचने और अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने का मंच देने के लिए Literary Essay Writing and Presentation Competition का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में शोधपरक सोच, आलोचनात्मक दृष्टिकोण और अकादमिक प्रस्तुति कौशल को विकसित करना था।
प्रतियोगिता में छात्रों ने साहित्य को इतिहास, राजनीति, जेंडर, जाति, वर्ग, ट्रॉमा, नारीवाद और सामाजिक न्याय जैसे विभिन्न नजरियों से समझने और प्रस्तुत करने का प्रयास किया। छात्रों की प्रस्तुतियों में साहित्यिक और सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर किए गए शोध की झलक देखने को मिली।
प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने की सराहना
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित होकर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने अंग्रेजी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों को गंभीरता से पढ़ने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में शोध, रचनात्मकता और अकादमिक जुड़ाव की भावना मजबूत होती है।
प्रतियोगिता में प्रो. हर्षा राणा, डॉ. मोनिका शर्मा और डॉ. मोनिका मक्कर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उनके विद्वतापूर्ण सुझाव और रचनात्मक प्रतिक्रिया से प्रतिभागियों के साथ-साथ कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को भी काफी लाभ मिला।
छात्रों ने साहित्य और सामाजिक मुद्दों पर रखे विचार
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने साहित्यिक और सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर शोध आधारित निबंध प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों में साहित्यिक आलोचना के प्रति बढ़ती रुचि और जटिल विषयों को विश्लेषणात्मक नजरिए से समझने की क्षमता दिखाई दी।
विशेष रूप से बीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। साहित्यिक सिद्धांत के साथ अपने शुरुआती जुड़ाव के बावजूद इन विद्यार्थियों ने जटिल विषयों को आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया।
इन विद्यार्थियों ने हासिल किए स्थान
प्रतियोगिता में बीए तृतीय वर्ष की Katya Gurung ने प्रथम स्थान हासिल किया। बीए द्वितीय वर्ष की Tanisha ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं बीए द्वितीय वर्ष के Namoshi Zutshi और Hitarth Mohan Sood ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में डॉ. पूजा संडल, डॉ. शेली पारुल भड़वाल और डॉ. आरती चंदेल भी मौजूद रहीं। उनके सहयोग और उपस्थिति से कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. आरती चंदेल ने प्रतिभागियों को दी बधाई
डॉ. आरती चंदेल ने प्रतिभागियों को उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए बधाई दी। उन्होंने छात्रों द्वारा विभिन्न साहित्यिक और सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर किए गए शोध और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।
डॉ. शेली पारुल भड़वाल ने भी सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि विद्यार्थी साहित्यिक आलोचना के साथ लगातार जुड़ रहे हैं और साहित्यिक रचनाओं को व्यापक ऐतिहासिक, सामाजिक और समकालीन मुद्दों से जोड़कर देखने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।
शोध और आलोचनात्मक सोच का मिला अनुभव
प्रतियोगिता सकारात्मक और उत्साहजनक माहौल में संपन्न हुई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शोध, आलोचनात्मक सोच, अकादमिक प्रस्तुति और विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अनुभव मिला।




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