चम्बा के सुराड़ा वार्ड में बड़ा हादसा टल गया जब 11 केवी बिजली की लाइन टूटकर लोगों के घरों की छतों पर आ गिरी। गनीमत ये रही कि जिस वक्त तारें गिरीं, उस समय बिजली बंद थी और छत पर कोई मौजूद नहीं था। अगर कोई व्यक्ति वहां होता, तो जान का खतरा टलना मुश्किल था।
मोहल्ले के लोगों ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता परवेश ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में राजपूत कल्याण सभा के पूर्व अध्यक्ष भूपिंद्र जसरोटिया, मनजीत जसरोटिया, सुरेंद्र जसरोटिया और देवेंद्र शामिल थे।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी बोर्ड को लिखित रूप में सूचित किया गया था कि साह मंदार पहाड़ी से गुजरने वाली इस 11 केवी लाइन का स्पैन बहुत लंबा है और यह रिहायशी इलाकों के लिए खतरा बन सकती है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बोर्ड ने जंगल के रास्ते से एक नई लाइन बिछा दी थी और बिजली की सप्लाई भी उसी से की जा रही थी।
स्थानीय लोगों को यह भी बताया गया था कि पुरानी लाइन अब बंद कर दी गई है। लेकिन अब चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पुरानी, खतरनाक लाइन को दोबारा चालू कर दिया गया है। ये लापरवाही न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि बेहद चिंता का विषय भी है। जिस खतरे से बचने के लिए नई लाइन बिछाई गई थी, वही अब फिर सिर पर मंडरा रहा है।
बारिश के कारण जब तारें गिरीं, तब कोई भी व्यक्ति छत पर नहीं था—और शायद यही वजह रही कि किसी की जान नहीं गई। लेकिन अगर ऐसी घटनाएं दोहराई गईं, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों ने बिजली बोर्ड से मांग की है कि तुरंत पुरानी लाइन को हटाकर सप्लाई फिर से नई लाइन से शुरू की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना के लिए बोर्ड ही जिम्मेदार होगा।
इस पूरे मामले पर बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता परवेश ठाकुर का कहना है कि “बहुत सी लाइनें घरों के ऊपर से ही गुजर रही हैं। मिंजर मेला खत्म होते ही पुरानी लाइन को बदल दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बोर्ड की पूरी कोशिश है कि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
लेकिन सवाल यह है—क्या तब तक कोई और बड़ा हादसा रुका रहेगा?
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!