Himachal: मंडी के लाल ने टाली बड़ी आतंकी साजिश: कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को मिलेगा शौर्य चक्र, गांव में जश्न का माहौल

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जब हौसले हिमालय से ऊंचे हों, तो दुश्मन की हर साजिश खुद-ब-खुद नाकाम हो जाती है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय सेना में अदम्य साहस की मिसाल बने कैप्टन योगेंद्र ठाकुर ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया है। जम्मू-कश्मीर की दुर्गम और खतरनाक वादियों में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उन्होंने न सिर्फ बहादुरी दिखाई, बल्कि एक बड़े आतंकी हमले को भी नाकाम कर दिया। उनकी इस वीरता के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक, महामहिम राष्ट्रपति द्वारा उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

यह कहानी जुलाई 2025 के उस चुनौतीपूर्ण सप्ताह से जुड़ी है, जब खुफिया एजेंसियों को उधमपुर क्षेत्र के दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। हालात बेहद संवेदनशील थे और किसी बड़े हमले की आशंका से सुरक्षा बल अलर्ट पर थे। ऐसे में इस अहम और जोखिम भरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी कैप्टन योगेंद्र ठाकुर को सौंपी गई।

26 जुलाई 2025 को आतंकियों के साथ भीषण मुठभेड़ के दौरान कैप्टन योगेंद्र ने अद्भुत नेतृत्व क्षमता और युद्ध कौशल का परिचय दिया। जब चारों ओर से गोलियां चल रही थीं, तब उन्होंने आगे बढ़कर एक खूंखार आतंकी को ढेर कर दिया। उनकी इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई से न सिर्फ आतंकियों की साजिश विफल हुई, बल्कि देश के भीतर होने वाला एक संभावित बड़ा आत्मघाती हमला भी टल गया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जोगिंद्रनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत दारट बगला में दीवाली जैसा माहौल है। कैप्टन योगेंद्र के पिता अनिल ठाकुर, जो सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं, और माता बीना देवी के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव के लोग गर्व से भर उठे हैं और हर चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। एक साधारण परिवार से निकलकर सेना में शिखर तक पहुंचे योगेंद्र आज न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

कैप्टन योगेंद्र की शुरुआती शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर में हुई, जहां उन्होंने अनुशासन, मेहनत और राष्ट्रभक्ति के संस्कार सीखे। उनकी इस उपलब्धि पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षक भी गर्व महसूस कर रहे हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य नवीन शर्मा और शिक्षक अश्वनी सूद ने कहा कि योगेंद्र ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से जोगिंद्रनगर और मंडी जिले का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है।

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