हिमाचल में खैर की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई, तीन गिरफ्तार
वन विभाग की टीम ने हिमाचल प्रदेश में खैर की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मौछों से भरी एक पिकअप जीप को पकड़ा और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह घटना वीरवार सुबह इंदौरा-उलैहड़िया सड़क पर हुई।
भदरोआ वन रेंज अधिकारी अभिनव ठाकुर ने बताया कि यह अभियान नूरपुर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) अमित शर्मा के निर्देश पर चलाया गया। वन विभाग की टीम ने कंडवाल और इंदौरा-उलैहड़िया सड़क पर नाके लगाए थे।
जांच के दौरान उलैहड़िया में एक पिकअप को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी भगाने की कोशिश की। तेज रफ्तार के चलते गाड़ी एक सफेदे के पेड़ से टकरा गई। चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे तुरंत पकड़ लिया गया। गाड़ी में मौजूद दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया।

प्रारंभिक जांच और कानूनी कार्रवाई
जब गाड़ी की जांच की गई तो उसमें 25 खैर के मौछे लदे हुए पाए गए। आरोपियों की पहचान गोविंद, राकेश और विशाल के रूप में हुई है, जो डमटाल और कोटला मंगवाल के निवासी हैं। गाड़ी बिट्टा नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, जो कोटला मंगवाल का ही निवासी है।
वन रेंज अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खैर की यह लकड़ी डमटाल क्षेत्र के जंगलों से अवैध रूप से काटी गई थी। गाड़ी और लकड़ी को कब्जे में लेकर आरोपियों को इंदौरा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
अवैध लकड़ी कटाई के खिलाफ सख्त कदम
हिमाचल प्रदेश में खैर की लकड़ी तस्करी पर्यावरण संरक्षण के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। खैर की लकड़ी की मांग इसके व्यावसायिक उपयोग के कारण अधिक है।
वन विभाग ने जंगलों में अवैध कटाई और तस्करी रोकने के लिए निगरानी तेज कर दी है। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
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