कांगड़ा का सैर उत्सव: अखरोट के खेल से फसलों की पूजा तक, आज भी जिंदा है सदियों पुरानी लोक परंपरा

Date:

--Advertisement--

धर्मशाला, 15 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की समृद्ध लोक संस्कृति में सैर त्योहार का खास स्थान है। समय के साथ लोगों की जीवनशैली जरूर बदली है, लेकिन कांगड़ा की मिट्टी से जुड़ी इस परंपरा की खुशबू आज भी लोगों के दिलों में कायम है। सैर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, नई फसल, परिवार और सामाजिक भाईचारे से जुड़ी लोक परंपरा है।

सैर को नई फसल, प्रकृति और खुशहाली के प्रति कृतज्ञता का पर्व माना जाता है। सावन-भादों के बाद खेत-खलिहानों में हरियाली और ग्रामीण जीवन में नई उमंग के बीच यह त्योहार उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान घरों में पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और परिवार के लोग एक साथ मिलकर खुशियां साझा करते हैं।

बैजनाथ उपमंडल में सैर से जुड़ी बच्चों की एक खास परंपरा अखरोट खेलने की है। बच्चे अखरोट खेलते हुए उन्हें इकट्ठा करते हैं। वहीं कांगड़ा के कई क्षेत्रों में सैर की पूर्व संध्या पर एक विशेष वर्ग द्वारा इस मौसम में तैयार होने वाली फसलों को टोकरी में सजाने की परंपरा रही है। इस टोकरी को घर-घर ले जाकर उसकी पूजा की जाती थी। समय के साथ कुछ स्थानों पर यह परंपरा लगभग समाप्त हो गई है, लेकिन कई गांवों में आज भी इसकी झलक देखने को मिलती है।

सैर के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस पर्व को खास बनाते हैं। लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के जरिए कांगड़ा की सांस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठती है। यह त्योहार रिश्तों में मिठास घोलने के साथ समाज में आपसी भाईचारे का संदेश भी देता है।

बदलते दौर में जरूरत इस बात की है कि सैर जैसी लोक परंपराओं को केवल एक त्योहार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि कांगड़ा की सांस्कृतिक पहचान के रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। इससे आने वाली पीढ़ियां अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रह सकेंगी।

सैर कांगड़ा की उस मिट्टी की खुशबू है, जिसमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, परिवार का प्रेम, सामाजिक भाईचारा और लोक संस्कृति की मिठास एक साथ महसूस होती है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

हिमाचल में जूनियर ड्राफ्ट्समैन के 7 पदों पर भर्ती, ताजा बैच के अभ्यर्थियों को भी मौका; 18 सितंबर से पहले करें रजिस्ट्रेशन

जल शक्ति विभाग में जूनियर ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 7 पद बैचवाइज भर्ती से भरे जाएंगे। पात्र अभ्यर्थियों को 18 सितंबर से पहले रोजगार कार्यालय में पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा।

Kangra: कुठंमा में युवाओं ने संभाली गांव की सफाई की कमान, रास्तों से झाड़ियां हटाईं और नालियां कीं साफ

विकास खंड रैत की ग्राम पंचायत कुठंमा में धौलाधार युवा क्लब ने स्वच्छता अभियान चलाया। युवाओं ने ग्रामीण रास्तों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और नालियों की सफाई की।

शाहपुर में 100 हेक्टेयर भूमि पर होगा पौधारोपण, विधायक केवल सिंह पठानिया ने दिए कई बड़े निर्देश; लो-वोल्टेज से लेकर सड़क और स्कूल तक...

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा। विधायक केवल सिंह पठानिया ने अंबाड़ी पंचायत के भाटी में पौधारोपण किया और लो-वोल्टेज, पानी, स्कूल, रास्तों व श्मशानघाट से जुड़े विकास कार्यों को लेकर कई घोषणाएं कीं।

कांगड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.813 किलो चरस के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार; 3 वाहन जब्त

कांगड़ा पुलिस की CIA टीम ने बैजनाथ के गनखेतर रेलवे क्रॉसिंग के पास 1 किलो 813 ग्राम अवैध चरस बरामद कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 3 वाहन भी जब्त किए हैं।