Kangra: शाहपुर में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब, साध्वी भाग्यश्री भारती ने दिया गौ संरक्षण का संदेश; कांगड़ा-चंबा सांसद राजीव भारद्वाज समेत कई दिग्गज पहुंचे

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शाहपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से शाहपुर के अभिनंदन मैरिज पैलेस में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास साध्वी भाग्यश्री भारती जी ने गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण और संवर्धन हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। भगवान श्री कृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अनेक शिक्षाएं दीं, लेकिन सवाल यह है कि क्या हम उनके सिद्धांतों और शिक्षाओं को वास्तव में अपने जीवन में अपना रहे हैं।

साध्वी भाग्यश्री भारती जी ने कहा कि यदि भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं को सही मायने में जीवन में धारण किया होता तो आज देश में गौ माता की स्थिति कहीं बेहतर होती। उन्होंने कहा कि जिस भारत में ‘विप्र धेनु सुर संत हित’ के लिए भगवान समय-समय पर अवतार लेते हैं, उसी देश में गाय की इतनी अवहेलना क्यों हो रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि हम अभी तक गौ माता की महानता को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। उन्होंने लोगों से अपनी गौ संस्कृति को जानने और उसके महत्व को समझने का आह्वान किया।

संस्थान की ओर से गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए साध्वी जी ने बताया कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा ‘कामधेनु’ नामक सामाजिक प्रकल्प चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न गौशालाओं में भारत की श्रेष्ठ देसी नस्ल की गायों के संरक्षण, संवर्धन और नस्ल सुधार के लिए कार्य किया जा रहा है।

कंस वध प्रसंग से मन के विकारों पर दिया संदेश

कथा के दौरान साध्वी भाग्यश्री भारती जी ने भगवान श्री कृष्ण के कंस वध प्रसंग का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में एक कंस था, जिसका वध भगवान श्री कृष्ण ने किया, लेकिन आज मन के पीछे लगे अधिकतर मानव कंस की भूमिका आसानी से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कलियुग में काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों की आग में मनुष्य का मन झुलस रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भगवान श्री कृष्ण जैसे गुरु की आवश्यकता है, जो मन रूपी कंस का वध कर जीवन में धर्म की स्थापना कर सकें। धर्म का अर्थ समझाते हुए उन्होंने बताया कि धर्म शब्द संस्कृत की ‘धृ’ धातु से निकला है, जिसका अर्थ है धारण करना। जब प्रत्येक व्यक्ति ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ईश्वर को अपने अंतःकरण में धारण करेगा, तब समाज में स्वतः शांति और आनंद की लहर दौड़ने लगेगी। उन्होंने लोगों से ब्रह्मज्ञान से जुड़ने का आह्वान किया।

कथा में यजमान पूजन और ज्योति प्रज्वलन

श्रीमद्भागवत कथा के दौरान यजमान पूजन भी किया गया। कथा के मध्य ज्योति प्रज्वलित करने की रस्म निभाई गई। इस अवसर पर कांगड़ा-चंबा के सांसद राजीव भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री सरवीन चौधरी, पूर्व विधायक धर्मशाला विशाल नैहरिया, रवि दत्त शर्मा, नवनीत शर्मा, वी.पी. शर्मा, राकेश चौहान, राजीव पटियाल, मोनी बाला, देवेंद्र कोहली, जी.एस. पठानिया और राकेश कथूरिया ने ज्योति प्रज्वलित की।

इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक प्रवचन सुने और भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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