सुक्खू सरकार पर जयराम ठाकुर का बड़ा हमला, बोले- केंद्र से मिले स्वास्थ्य फंड का भी नहीं हो पाया पूरा इस्तेमाल

Date:

--Advertisement--

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोग दवाइयों और बेहतर इलाज के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से निःशुल्क दवा नीति के तहत हिमाचल को मिली राशि का भी राज्य सरकार पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाई और सैकड़ों करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ अस्पतालों में दवाइयों और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र से मिलने वाली राशि खर्च नहीं हो पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पैसा उपलब्ध है तो सरकार उसका इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि दवाइयों के खर्च के लिए कभी किसी बेटी के सिर से पिता का साया उठ रहा है, कभी किसी बेटे को मां के जेवर गिरवी रखने पड़ रहे हैं और कभी किसी मां को अपना मंगलसूत्र तक बेचना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए सहयोग दे रही है, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार लगातार केंद्र पर पर्याप्त सहयोग नहीं देने का आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लिए केंद्र से प्राप्त सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि भी पूरी तरह खर्च नहीं हो सकी और सरकार को उसका एक हिस्सा वापस करना पड़ा।

जयराम ठाकुर ने विधानसभा में सामने आए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अतारांकित प्रश्न संख्या 1777 के जवाब में सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार की निःशुल्क दवा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में 211.29 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसमें से राज्य सरकार की ओर से 165.60 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जबकि 45.69 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। जयराम ठाकुर ने इसे करीब एक चौथाई राशि बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि समस्या केवल प्रदेश के दूर-दराज के अस्पतालों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में भी खांसी, सर्दी और जुकाम की दवाइयों के साथ मरहम-पट्टी, नीडल और सिरिंज जैसी जरूरी सामग्री की कमी है। उन्होंने दावा किया कि महंगी दवाइयों की बात तो दूर, मरीजों को ग्लूकोज की बोतल भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

चम्बा में भालू की दहशत से सहमे ग्रामीण, खेतों और घरों के पास लगातार हो रही मौजूदगी से बढ़ी चिंता

चम्बा के बनीखेत क्षेत्र की ग्राम पंचायत मनोला के गोली, टिकरू और मंधीयार गांव में जंगली भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। खेतों और घरों के आसपास भालू देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने की मांग की है।

मजदूर पिता की मेहनत बनी बेटियों की ताकत, सिरमौर की सगी बहनों काजल और मंजू ने UGC-NET परीक्षा की पास

सिरमौर के शिलाई स्थित बूटियाना गांव की सगी बहनों काजल शर्मा और मंजू शर्मा ने UGC-NET परीक्षा पास कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। काजल ने हिंदी और मंजू ने इतिहास विषय में सफलता हासिल की। दोनों के पिता दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं।

शिमला में चिट्टे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, पंजाब-हरियाणा से जुड़े तार; गुजरात एयरपोर्ट से भी आरोपी गिरफ्तार

शिमला पुलिस ने चिट्टे के संगठित अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया है। जांच में नेटवर्क के तार पंजाब और हरियाणा से जुड़े मिले। पुलिस ने वित्तीय लेनदेन और सप्लाई चैन की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

दिल्ली में नूरपुर विधायक रणबीर सिंह निक्का ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, मातृ-शिशु अस्पताल को लेकर हुई अहम चर्चा

नूरपुर विधायक रणबीर सिंह निक्का ने दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान नूरपुर के मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द शुरू करवाने सहित क्षेत्र और प्रदेश से जुड़े विकास कार्यों पर चर्चा हुई।