शाहपुर के लॉ विद्यार्थियों को मिली कानून की अहम जानकारी, फ्री लीगल एड से लेकर साइबर फ्रॉड तक समझाए अधिकार

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शाहपुर: हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़, शाहपुर में लॉ विभाग की ओर से विद्यार्थियों को कानूनी सहायता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निःशुल्क कानूनी सहायता विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा के सहयोग से किया गया, जिसमें अधिवक्ता नीलम जरियाल ने बतौर अतिथि वक्ता विद्यार्थियों को संबोधित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम मनहास ने अधिवक्ता नीलम जरियाल का स्वागत किया और संस्थान की ओर से उनका अभिनंदन किया। व्याख्यान के दौरान अधिवक्ता नीलम जरियाल ने विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की अवधारणा, उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर और पात्र लोगों को न्याय दिलाने में सहायता करना विधिक सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SALSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में भी समझाया। उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं के माध्यम से पात्र लोगों को कानूनी सलाह, सहायता और न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

व्याख्यान में सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक पहलुओं पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिवक्ता नीलम जरियाल ने वास्तविक जीवन में सामने आने वाले विभिन्न कानूनी मामलों के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को कानून के व्यावहारिक उपयोग को समझाया। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम, साइबर फ्रॉड और हिट एंड रन मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा की।

साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने और ऐसी घटनाओं की स्थिति में उचित कानूनी कदम उठाने की जानकारी दी। वहीं, हिट एंड रन और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों तथा पीड़ितों के अधिकारों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सवाल पूछने का अवसर भी मिला। अधिवक्ता नीलम जरियाल ने विद्यार्थियों के प्रश्नों के सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिए तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया। संवादात्मक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की वास्तविक प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिला।

यह अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों तक न्याय और निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने की जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी विकसित हुई। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से अधिवक्ता नीलम जरियाल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा का आभार व्यक्त किया गया।

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