चंबा, 6 जुलाई। भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के दर्दनाक हादसे में 22 वर्षीय साहिल पुत्र नाथो राम निवासी गांव घरेड़ की मौत हो गई। साहिल अपने बुजुर्ग माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता हाल ही में लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों का आरोप है कि यदि घायल साहिल को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उनका कहना है कि एक टैक्सी चालक ने सवारियों का हवाला देकर घायल को अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। काफी देर बाद दूसरी गाड़ी मिलने पर साहिल को मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने समय पर मदद न मिलने पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गैहरा के पास बत्ती दी हट्टी सहित कई स्थानों पर बारिश के दौरान अक्सर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सीमेंट स्प्रे, सुरक्षा जाल और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। साथ ही आगामी मणिमहेश यात्रा से पहले पूरे मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा संबंधी कार्य करवाए जा रहे हैं। हालांकि इस दर्दनाक हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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