हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में एक सहायक प्रोफेसर के शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने से हड़कंप मच गया है। यह मामला तब सामने आया जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों का नियमित सत्यापन करवाया। इस मामले में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ज्ञान सिंह सागर की शिकायत पर पुलिस थाना बालूगंज में केस दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार, लोक प्रशासन विभाग में कार्यरत सहायक प्रोफेसर विजय सिंह को 28 सितंबर 2024 को जारी नियुक्ति पत्र के आधार पर पद पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति के समय उन्होंने अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज विश्वविद्यालय में जमा करवाए थे, जिनमें स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित प्रमाणपत्र भी शामिल थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 फरवरी 2025 को नियुक्ति प्रक्रिया के तहत जमा दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित स्कूल शिक्षा बोर्ड से करवाया। सत्यापन के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सहायक प्रोफेसर द्वारा जमा किए गए स्कूल स्तर के प्रमाणपत्र फर्जी हैं और बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका कोई उल्लेख नहीं है। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले की आंतरिक जांच की और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर पुलिस को शिकायत भेजी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब दस्तावेजों की सत्यता, नियुक्ति प्रक्रिया और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों या एजेंसियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि फर्जी प्रमाणपत्र किस स्तर पर तैयार किए गए और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
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