Himachal: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में नकल पर सख्त वार, CCTV निगरानी और लाइव मॉनिटरिंग से होगी हर छात्र पर नजर

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए कड़े और व्यापक निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने इस बार परीक्षाओं की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा हॉल और निर्धारित कमरों को कवर करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल प्रमुखों को इन सीसीटीवी सिस्टम की स्थापना, रखरखाव और सुचारू संचालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया गया है। साथ ही बिजली बैकअप और जेनरेटर की व्यवस्था करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि निगरानी में कोई बाधा न आए।

निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की पूरी अवधि के दौरान निरंतर निगरानी की जाएगी और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग शिक्षा निदेशालय और हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड के साथ साझा की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना और आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है। इसके लिए निदेशालय स्तर पर एक केंद्रीकृत रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशक की सीधी निगरानी में वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग टीमें बनाई गई हैं, जो परीक्षा केंद्रों की लाइव फीड पर नजर रखेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।

इसके अलावा निदेशालय, जिला और स्कूल स्तर पर बेहतर समन्वय और निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। सभी उपनिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करें और शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित करें। छात्रों, अभिभावकों और आम जनता की सुविधा के लिए निदेशालय ने नकल, मास कॉपी या परीक्षा से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की शिकायत दर्ज करने के लिए आधिकारिक ई-मेल और दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इन हेल्पलाइन नंबरों को परीक्षा केंद्रों और स्कूलों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निदेशालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सीसीटीवी कैमरे न लगाना, उनका खराब होना, निगरानी में लापरवाही करना या वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित न रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई प्रिंसिपल, सेंटर सुपरिंटेंडेंट, इनविजिलेटर या अन्य स्टाफ नकल करवाने में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। निदेशालय ने यह भी कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक अपराध है।

शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, बोर्ड और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की रोकथाम एक्ट, 1984, कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर पूरी तरह लागू होगा। इस कानून के तहत प्रश्न पत्र लीक करना, नकल करना या करवाना और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज करना भी अनिवार्य होगा। गलत तरीके अपनाने वाले छात्रों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश बोर्ड के नियमों के अनुसार परीक्षा रद्द करना, डिबार करना और अन्य सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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