Himachal: 20 दिन बाद आई खुशखबरी: अमेरिकी हिरासत से रिहा हुए ‘मैरीनेरा’ के भारतीय चालक दल, पालमपुर के रक्षित चौहान ने परिवार से की बात

उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल द्वारा हिरासत में लिए गए रूस के झंडे वाले तेल टैंकर ‘मैरीनेरा’ पर सवार सभी भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है। रिहा किए गए भारतीयों में हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी रक्षित चौहान भी शामिल हैं। इस खबर के सामने आते ही परिजनों ने राहत की सांस ली है।

करीब 20 दिनों की अनिश्चितता और मानसिक तनाव के बाद सोमवार शाम करीब आठ बजे रक्षित चौहान ने फोन पर अपने परिवार से बातचीत की। बेटे की आवाज सुनते ही परिवार भावुक हो गया। मर्चेंट नेवी में कार्यरत रक्षित ने इससे पहले सात जनवरी को अपने परिवार से आखिरी बार संपर्क किया था। उनके पिता रंजीत सिंह चौहान ने बताया कि बेटे ने जाते समय कहा था कि वह अत्यधिक ठंडे और सिग्नल-रहित इलाके में जा रहा है, जहां लगभग दो महीने तक संपर्क संभव नहीं होगा।

हालांकि आठ जनवरी को मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए जब जहाज को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जब्त किए जाने की खबर सामने आई तो पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। इसके बाद रक्षित की सुरक्षित रिहाई के लिए हिमाचल से लेकर दिल्ली तक लगातार प्रयास किए गए।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने यह मामला सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष उठाया, जिसके बाद इसे विदेश मंत्रालय तक पहुंचाया गया। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा भी लगातार भारतीय दूतावास के संपर्क में रहे और परिवार को हर अपडेट देते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी हाल ही में रक्षित के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की थी और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था।

रंजीत सिंह चौहान और रक्षित के चाचा नरेंद्र चौहान ने बताया कि पहले भी चालक दल की रिहाई को लेकर कुछ खबरें सामने आई थीं, लेकिन बेटे से सीधे बातचीत होने के बाद ही परिवार को वास्तविक सुकून मिला। उन्होंने पुष्टि की कि अमेरिकी अधिकारियों ने न केवल जहाज, बल्कि उस पर सवार सभी चालक दल के सदस्यों को भी रिहा कर दिया है, जिससे लंबे इंतजार का अंत हो गया।

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