हिमाचल प्रदेश सरकार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना अब ज़मीन पर युवाओं के लिए रोज़गार का मजबूत सहारा बनती नज़र आ रही है। जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के गांव सवारा निवासी 45 वर्षीय शंकर सिंह और जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के लठवाण गांव के रहने वाले 50 वर्षीय रमेश कुमार के लिए यह योजना जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई है।

दोनों लाभार्थियों ने योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे और उन्हें प्रदेश सरकार के माध्यम से सरकारी विभागों के साथ अटैच किया गया। शंकर सिंह का ई-व्हीकल उपायुक्त कार्यालय में सहायक आयुक्त के साथ तैनात किया गया है, जबकि रमेश कुमार का वाहन बीडीओ सदर बिलासपुर के साथ लगाया गया है। इन दोनों वाहनों के लिए प्रदेश सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल 59 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान कर रही है, जिससे वाहन की मासिक किस्त आराम से निकल रही है और प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है।

शंकर सिंह बताते हैं कि वह बीते करीब 20 वर्षों से टैक्सी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ समय तक 102 एंबुलेंस सेवा में भी कार्य किया। वर्ष 2023 में समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें ई-टैक्सी योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया। वर्ष 2025 में उन्होंने लगभग 15 लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा, जिसे जुलाई 2025 से सरकारी विभाग के साथ जोड़ दिया गया।
इसी तरह रमेश कुमार कहते हैं कि दिसंबर 2023 में उन्हें राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के बारे में जानकारी मिली थी। उन्होंने लोकमित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया और वर्ष 2025 में नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा। जुलाई 2025 से उनका वाहन भी सरकारी विभाग में तैनात है। पहले टैक्सी चलाने के बावजूद उनकी आय स्थिर नहीं थी, लेकिन अब उन्हें हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय मिल रही है और वाहन की किस्त चुकाने में भी कोई परेशानी नहीं आ रही।

दोनों लाभार्थियों ने 15-15 लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं, जिस पर प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया है। उनका कहना है कि इस योजना से न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि अगले पांच वर्षों तक स्थायी रोजगार की भी गारंटी सुनिश्चित हुई है।
शंकर सिंह और रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसी योजना लागू हुई है जिसमें निजी इलेक्ट्रिक वाहन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ-साथ सरकारी विभागों में वाहन अटैच कर रोजगार की पक्की व्यवस्था की गई है।
दोनों ने प्रदेश के युवाओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है ताकि उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ स्थायी रोजगार भी मिल सके।

जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मैहता ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत अब तक जिले में 16 लोगों को लाभान्वित किया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने लगभग एक करोड़ 16 लाख 44 हजार 900 रुपये की राशि 50 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में उपलब्ध करवाई है। सभी लाभार्थियों के ई-टैक्सी वाहन सरकार के विभिन्न विभागों में तैनात कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाया गया है।
वहीं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं को गंभीरता से लागू किया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि योजनाएं समय पर ज़मीन पर उतरे और पात्र लोगों को आर्थिक तथा सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
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