पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता विमल नेगी मामले में शिमला पुलिस की एसआईटी ने बुधवार को पूछताछ की कार्रवाई तेज कर दी। इस दौरान एसआईटी ने पूर्व प्रबंध निदेशक के साथ-साथ विमल नेगी के ड्राइवर से भी लंबी पूछताछ की। ड्राइवर इस केस में अहम गवाह है, क्योंकि नेगी के लापता होने से पहले उसने ही उन्हें कार्ट रोड पर लिफ्ट के पास छोड़ा था। उस समय नेगी ने अपना लैपटॉप, डायरी और चाबी ड्राइवर को सौंपी थी।
पुलिस ने ड्राइवर से विमल नेगी का लैपटॉप और अन्य सामान बरामद कर लिया है तथा उसके बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। अब पुलिस ड्राइवर के बयानों की पुष्टि अन्य तथ्यों से कर रही है और उन्हें क्रॉस वेरीफाई भी किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को ड्राइवर से दोबारा पूछताछ की गई और नेगी के मोबाइल को लेकर भी सवाल किए गए।
इस बीच विमल नेगी की पत्नी और परिजन एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की मांग की है।
शिमला पुलिस इस मामले की जांच कर रही है क्योंकि नेगी का शव बिलासपुर में मिला था और पोस्टमार्टम भी वहीं एम्स में हुआ। उनकी पत्नी ने न्यू शिमला थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है। इसी के आधार पर एसएसपी शिमला ने सात विशेषज्ञ पुलिस अधिकारियों और एफएसएल से जुड़े अधिकारियों की एसआईटी गठित की है।
एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि पुलिस मामले की हर छोटी-बड़ी बात की गहनता से जांच कर रही है और यही कारण है कि बार-बार पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि संभवतः 8 से 10 दिनों में मामले की तस्वीर साफ हो जाएगी।
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