Himachal: घने जंगल में 2 दिन का गुप्त ऑपरेशन, वन माफिया के मंसूबे नाकाम; 54 खैर के लट्ठे जब्त

माचल प्रदेश के हजारों पुलिस कर्मियों के लिए आज शिमला से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस महकमे की एक बड़ी व्यावहारिक दिक्कत को सुलझाते हुए एचआरटीसी बसों में उनके सफर को बेहद आसान बना दिया है। अब राज्य के पुलिस जवानों को बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेने के लिए हिमबस कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने आज स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांस्टेबल से लेकर इंस्पैक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मी पहले से ही अपने मासिक वेतन से एक निश्चित राशि एचआरटीसी को देते हैं। जब वे यात्रा का खर्च अपनी सैलरी से चुका रहे हैं तो उन पर डिजिटल हिमबस कार्ड बनवाने के लिए अलग से पैसे खर्च करने का दबाव डालना और उसे अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। इसे देखते हुए सरकार ने यह अनिवार्यता तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी है।

सीएम के इस फैसले के बाद अब पुलिस कर्मियों को बस में सफर करने के लिए किसी डिजिटल कार्ड के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब वे अपना विभागीय आईडी कार्ड और मैनुअल पास दिखाकर आसानी से यात्रा कर सकेंगे। इन दस्तावेजों को ही कंडक्टर द्वारा वैध माना जाएगा।

सरकार ने यह फैसला पुलिस की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने के लिए भी लिया है। पुलिस कर्मियों को अक्सर जांच और सरकारी ड्यूटी के सिलसिले में पूरे प्रदेश में सफर करना पड़ता है। डिजिटल वैरिफिकेशन की जटिलताओं के कारण कई बार उनके काम में देरी हो रही थी। अब मैनुअल पास और आईडी की अनुमति मिलने से वे बिना किसी रोक-टोक और कागजी कार्रवाई के अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे।

सरकार के इस संवेदनशील फैसले से प्रदेशभर के हजारों पुलिस जवानों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ तो कम हुआ ही है, साथ ही डिजिटल कार्ड बनवाने की लंबी प्रक्रिया से भी उन्हें मुक्ति मिल गई है।

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