Home शिक्षा Himachal: हिमाचल के होनहारों का कमाल: चुनौतियों को मात देकर नेट और...

Himachal: हिमाचल के होनहारों का कमाल: चुनौतियों को मात देकर नेट और जेआरएफ में रचा इतिहास

0
28

हिमाचल के प्रतिभाशाली युवाओं ने कठिन हालातों को मात देकर NET और JRF जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी, सीमित संसाधन और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद इन छात्रों ने अपने संकल्प और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा मुकाम हासिल किया है।

सिरमौर जिले की कोलर पंचायत के उत्तमवाला गांव की हिना कुमारी ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) परीक्षा में पूरे देश में 45वीं रैंक प्राप्त की है। हिना ने 99.55 परसेंटाइल के साथ यह सफलता अर्जित की। उनके पिता प्रवीण कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि मां सरिता देवी पैर में गंभीर चोट लगने के कारण काम करने में असमर्थ हैं। कठिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों में भी हिना ने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की।

सिरमौर जिले के संगड़ाह क्षेत्र की अंधेरी पंचायत की साक्षी ठाकुर ने यूजीसी नेट परीक्षा अंग्रेजी विषय में पास की है। उन्होंने 99.84 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। साक्षी के माता-पिता राजेंद्र ठाकुर और सुचिता ठाकुर उनकी इस सफलता से बेहद प्रसन्न हैं। साक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों—सुरेंद्र, राम किशन शास्त्री और हीरा पाल शर्मा—को दिया है।

धर्मशाला की बगली पंचायत की अवंतिका कौंडल ने मैनेजमेंट विषय में यूजीसी नेट परीक्षा में देश भर में 16वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में 226 अंक प्राप्त कर यह सफलता पाई है। इससे पहले वे जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) भी पास कर चुकी हैं और अब वे असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य करेंगी।

चंबा जिले के गरनोटा पंचायत के घाघन गांव के मनीश कुमार ने संस्कृत विषय में यूजीसी नेट और पीएचडी पात्रता परीक्षा पास की है। उन्होंने 83.06 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। मनीश के पिता मिस्त्री का काम करते हैं और मां गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और साधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहित किया और मनीष ने उनकी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए यह सफलता प्राप्त की। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला से प्राप्त की।

कुल्लू जिले के सैंज उपमंडल की देहुरीधार पंचायत के सतेश गांव की संस्कृति ने पहले ही प्रयास में यूजीसी नेट की कॉमर्स परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्तमान में वे पंजाब विश्वविद्यालय से एमकॉम कर रही हैं। उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई कुल्लू कॉलेज से पूरी की। संस्कृति के माता-पिता शिक्षक हैं और उनकी इस सफलता से गांव में खुशी का माहौल है।

कांगड़ा जिले के धीरा उपमंडल के बलोटा गांव के निखिल ने बिना किसी कोचिंग के यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर 98.20 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। निखिल की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बलोटा से हुई है। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इन सभी छात्रों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब संकल्प और परिश्रम साथ हों, तो कोई भी बाधा मार्ग में नहीं आ सकती। हिमाचल प्रदेश के इन युवाओं की यह कामयाबी अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!