Chamba: युवती से शारीरिक शोषण के आरोपों में फंसे चुराह के विधायक डॉ. हंसराज पर गिरफ्तारी की तलवार, पुलिस ने शुरू की दबिश

Date:

--Advertisement--

चंबा, 9 नवंबर: युवती से शारीरिक शोषण के आरोपों में घिरे चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हंसराज की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद अब विधायक की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। पुलिस ने शनिवार को विधायक के आवास पर दबिश दी, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ पाए गए।

पुलिस अब विधायक की टावर लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है, जबकि जांच टीम ने चुराह क्षेत्र में जाकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एएसपी चंबा हितेश लखनपाल ने पुष्टि की कि जांच टीम मौके से साक्ष्य एकत्र कर रही है और आगामी कार्रवाई जल्द अमल में लाई जाएगी।

विधायक पर शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप

पीड़ित युवती ने महिला थाना चंबा में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि विधायक ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। युवती के अनुसार, जब वह नाबालिग थी, तब उसे बहला-फुसलाकर यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया और डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट में युवती के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उसे पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है।

पहले भी दर्ज हुई थी एफआईआर

इससे पहले युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने विधायक के निजी सचिव और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ अपहरण, धमकी और जबरन बयान बदलवाने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

शिकायत में कहा गया था कि एक वर्ष पहले आरोपी पिता-पुत्री को जबर्दस्ती शिमला ले गए, जहां उन्हें धमकाकर बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया और घर में आग लगाने की धमकी दी गई।

माकपा ने की गिरफ्तारी की मांग

माकपा जिला सचिव नरेंद्र कुमार ने कहा कि विधायक पर गंभीर आरोप लगे हैं और इस मामले में अब तक कोई राजनीतिक कार्रवाई नहीं होना भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

“सरकार को चाहिए कि विधायक को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करे और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए,”

उन्होंने कहा।

भाजपा ने कहा – कानून अपना काम करेगा

भाजपा मीडिया विभाग के प्रमुख एवं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि

“कानून अपना काम करेगा। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”

2024 में भी लगे थे आरोप

वर्ष 2024 में भी युवती ने विधायक पर अश्लील चैट, आपत्तिजनक तस्वीरें मांगने और धमकाने के आरोप लगाए थे। बाद में युवती ने फेसबुक लाइव में कहा था कि उसने ये आरोप मानसिक तनाव और बहकावे में आकर लगाए थे, जिसके बाद मामला शांत हो गया था।

हाल ही में युवती ने फिर से फेसबुक लाइव में विधायक पर धमकाने और प्रताड़ना के नए आरोप लगाए, जिसके बाद मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया। विधायक ने भी लाइव आकर अपनी सफाई दी थी। मामला तूल पकड़ने के बाद महिला आयोग ने चंबा पुलिस से रिपोर्ट मांगी और ब्लॉक कांग्रेस ने भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को शिकायत पत्र भेजा।

एएसपी चंबा बोले — साक्ष्य जुटा रही पुलिस

“पुलिस टीम ने साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आज जांच टीम चुराह क्षेत्र में जाकर मौके से तथ्य एकत्र करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

— हितेश लखनपाल, एएसपी, चंबा

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

हिमाचल के हजारों TGT शिक्षकों को झटका, 2006-07 नियुक्तियों का विशेष वरिष्ठता लाभ वापस; पदोन्नति पर भी पड़ सकता है असर

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 2006 और 2007 में नियुक्त टीजीटी शिक्षकों को दिए गए विशेष वरिष्ठता लाभ वापस ले लिए हैं। हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में अंतिम वरिष्ठता सूची में संशोधन किया गया है, जिससे शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा संबंधी दावों पर असर पड़ सकता है।

Himachal: एक लाख रुपये की रिश्वत लेते महिला पटवारी गिरफ्तार, लैंड वेल्यू प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर मांगी थी रकम

सोलन के बरोटीवाला पटवार सर्कल में विजिलेंस ब्यूरो ने महिला पटवारी ललिता को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि लैंड वेल्यू प्रमाण पत्र बनाने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।

विधानसभा में विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का जवाब, 414 एड्स नियंत्रण कर्मियों के नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव...

हिमाचल प्रदेश में एड्स नियंत्रण संस्थाओं के तहत काम कर रहे 414 कर्मचारियों के नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने विधानसभा में यह जानकारी दी। वहीं, आशा वर्करों के नियमितीकरण या विभाग के रिक्त पदों पर समायोजन को लेकर भी सरकार ने कोई नीति नहीं होने की बात कही है।

20 साल की सेवा के बाद भी नियमित नहीं किया कर्मचारी, हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, नियमितीकरण के दिए आदेश

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि 20 वर्षों तक लगातार सेवा लेने के बाद कर्मचारी को नियमित न करना मनमाना, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है। कोर्ट ने खेल विभाग को याचिकाकर्ता दिनेश कुमार को पंप ऑपरेटर के पद पर सभी परिणामी लाभों के साथ नियमित करने का आदेश दिया है।