चम्बा: चम्बा जिले में हेल्थ डिपार्टमेंट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने मिलकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने अवैध तरीके से ऑनलाइन मंगवाए जा रहे नशीली दवाइयों के जखीरे का पर्दाफाश किया है। जानकारी मिली थी कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संदिग्ध दवाइयों का बड़ा ऑर्डर दिया है।
सूचना मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर चम्बा और कांगड़ा यूनिट की एएनटीएफ टीम ने कोटी में एक कुरियर डिलीवरी कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। मौके पर जब तलाशी ली गई तो टीम ने 4000 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और 490 पैरासिटामोल टैबलेट्स बरामद कीं। इनकी बाजार में कीमत लगभग ₹46,000 आंकी गई है।
सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि ये दवाएं न तो किसी डॉक्टर की पर्ची से मंगवाई गई थीं और न ही इनका कोई वैध बिल था, जोकि सीधा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 के नियमों का उल्लंघन है।
5 अगस्त को कोर्ट में पेश होंगी जब्त दवाएं
स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी दवाओं को मौके पर ही जब्त कर लिया और धारा 18(सी) और 18(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। अब इन दवाओं को 5 अगस्त को चम्बा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयों का बिना लाइसेंस और पर्ची के ऑर्डर किया जाना पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ा खतरा है। फिलहाल यह भी जांच जारी है कि इन दवाओं को किसने और क्यों मंगवाया था। क्या इनका उपयोग नशे के लिए होना था या फिर कोई और अवैध मकसद इसके पीछे था?
कुरियर कंपनियों को दिए सख्त आदेश
इस घटना के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने जिले की सभी कुरियर सर्विस कंपनियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब से कोई भी मेडिसिन से जुड़ा पार्सल बिना पूरा रिकॉर्ड रखे डिलीवर नहीं किया जाएगा।
ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने बताया कि चम्बा में 8 कुरियर कंपनियों के कुल 25 सेंटर हैं। सभी को आदेश दिया गया है कि:
- पार्सल भेजने और लेने वाले का पूरा डिटेल रजिस्टर में दर्ज किया जाए।
- बिना आधार कार्ड और पहचान सत्यापन के कोई भी पार्सल डिलीवर न हो।
- हर महीने पार्सल का डाटा हेल्थ डिपार्टमेंट को सौंपा जाए।
- जरूरत पड़ने पर पार्सल लेने वाले की फोटो भी रिकॉर्ड में रखी जाए।
फर्जी पर्चियों से हो रही दवाइयों की खरीद
लवली ठाकुर ने ये भी बताया कि हाल ही में 5-6 फर्जी डॉक्टर की पर्चियां मिली हैं, जिनके आधार पर दवाइयां मंगवाई गईं। कुछ नाबालिग लड़कों ने नकली क्लीनिक के नाम से पर्चियां बनवाईं। एक केस में तो एक बड़े हॉस्पिटल की फर्जी पर्ची तक तैयार कर ली गई थी।
इन पर्चियों की फिलहाल जांच जारी है और वैरिफिकेशन के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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