Kangra: ढगवार मिल्क प्लांट से बदलेगी किसानों की किस्मत! 35 हजार दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने की तैयारी

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए बड़ी सौगात बनने जा रहा है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र प्रदेश के हजारों किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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बैठक में मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्य की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सके। उन्होंने पानी, बिजली और सिविल कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को प्लांट की आवश्यकता के अनुसार बिजली और पानी की मांग का विस्तृत आकलन तैयार करने को कहा।

जल उपलब्धता को लेकर मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सतही जल स्रोत सीमित हैं। ऐसे में केंद्रीय भूजल बोर्ड के विशेषज्ञों की मदद से भूजल का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे, ताकि संयंत्र के लिए वर्षभर पर्याप्त पानी उपलब्ध रहे।

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उन्होंने बताया कि ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआती क्षमता प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। इस परियोजना से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी और ऊना जिलों के 35 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं परिवहन, सप्लाई चेन और रखरखाव से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना के लिए पूरी धनराशि उपलब्ध करा रही है और निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अत्याधुनिक संयंत्र में दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया और मोजरेला चीज सहित कई डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक डेयरी अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि दत्तनगर संयंत्र के अनुभवों के आधार पर नालागढ़, नाहन, झलेड़ा (ऊना) सहित अन्य स्थानों पर भी आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ढगवार का यह प्लांट प्रदेश के कई जिलों के दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा और इसके शुरू होने के बाद किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयंत्र शुरू होने से पहले सभी मूलभूत सुविधाएं और आवश्यक स्वीकृतियां समय पर पूरी कर ली जाएं। बैठक के बाद कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने ढगवार पहुंचकर निर्माणाधीन मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

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