जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के अदरक उत्पादक किसानों के लिए गर्व का अवसर आया है। क्षेत्र की पारंपरिक अदरक किस्म ‘हॉटी सौंठ’ को भारत सरकार के पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (नई दिल्ली) द्वारा किसान किस्म (Farmer Variety) के रूप में आधिकारिक पंजीकरण प्रदान किया गया है। यह पंजीकरण 4 अगस्त, 2025 से प्रभावी माना गया है और इसके साथ ही गिरिपार के अदरक उत्पादकों को राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी मान्यता मिल गई है।
अधिकृत पंजीकरण प्रमाण पत्र हॉटी किसान संघ, गांव शारली (तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर) के नाम जारी किया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने यह प्रमाण पत्र संघ के अध्यक्ष कुंदन सिंह शास्त्री और सदस्य रामभज चौहान को सौंपा। किसानों ने इसे कई दशकों पुरानी मांग की सफलता करार दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि पंजीकरण के साथ ‘हॉटी सौंठ’ को कानूनी संरक्षण प्राप्त हो गया है। अब हॉटी किसान संघ इस किस्म के उत्पादन, विपणन और संरक्षण का वैधानिक अधिकार रखेगा। इससे उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और बाजार में इसकी ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ गिरिपार क्षेत्र के किसानों को बेहतर दाम के रूप में मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में इस उपलब्धि के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर और हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना की गई। किसानों ने कहा कि दस्तावेजीकरण और पंजीकरण की जटिल प्रक्रिया में संस्थानों का मार्गदर्शन ही सफलता का मूल कारण रहा। ‘हॉटी सौंठ’ को मिली यह राष्ट्रीय मान्यता न केवल सिरमौर की पारंपरिक कृषि विरासत को नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
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