Sirmaur: हरिपुरधार बस हादसे में चौंकाने वाला खुलासा, 39 सीटर बस में थे 75 यात्री, ओवरलोडिंग बनी मौत की वजह?

सिरमौर जिले के हरिपुरधार में शुक्रवार दोपहर हुए दर्दनाक निजी बस हादसे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने और जिला प्रशासन द्वारा जारी घायलों की अंतिम सूची के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि दुर्घटनाग्रस्त 39 सीटर बस में 66 नहीं बल्कि कुल 75 यात्री सवार थे। यानी हादसे के समय बस क्षमता से कहीं ज्यादा ओवरलोड थी। हादसे के तुरंत बाद घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया, जिस कारण देर रात तक यात्रियों की वास्तविक संख्या सामने नहीं आ पाई थी।

हादसे के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उपमुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए रोड एक्सीडेंट कमेटी से मजिस्ट्रेट जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम संगड़ाह की अध्यक्षता में गठित यह कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। प्रारंभिक जांच में सड़क पर जमे पाले को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है, जिससे बस के स्किड होने की आशंका जताई गई है। कई घायलों ने भी इसी कारण की पुष्टि की है, हालांकि असली वजह जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी।

जिला प्रशासन के अनुसार इस भीषण हादसे में बस चालक सहित कुल 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 61 पहुंच गई है। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और मृतकों के परिजनों व घायलों को फौरी राहत राशि जारी कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि 11 जनवरी से गिरिपार क्षेत्र में पारंपरिक माघी पर्व शुरू हो रहा है। शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में लोग घर लौट रहे थे, इसी कारण बस में क्षमता से लगभग दोगुनी सवारियां थीं।

डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि जांच कमेटी हादसे के हर पहलू की गहनता से जांच करेगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त जीत कोच बस एचपी 64-6667 वर्ष 2008 मॉडल की थी। बस का परमिट 8 जुलाई 2029 तक वैध था, फिटनेस 14 फरवरी 2026 तक और बीमा 12 फरवरी 2026 तक मान्य था। बस का रूट शिमला, सोलन, राजगढ़, नौहराधार, हरिपुरधार होते हुए कुपवी तक निर्धारित था और चालक व परिचालक सहित इसकी अधिकृत सीटिंग क्षमता 39 थी।

प्रशासन ने सभी 14 मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। इसके अलावा नाहन, राजगढ़, संगड़ाह और सोलन अस्पतालों में भर्ती घायलों को उनकी स्थिति के अनुसार 5 हजार से 15 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी गई है। गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ और आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यह हादसा एक बार फिर दुर्गम क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन में ओवरलोडिंग की गंभीर समस्या को उजागर करता है।

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