Kangra: देहरा में ‘विधायक आपके द्वार’: चनौर पंचायत में कमलेश ठाकुर ने सुनी जनसमस्याएं, विकास कार्यों के लिए किया लाखों का ऐलान

Date:

--Advertisement--

देहरा क्षेत्र की चनौर पंचायत में रविवार को ‘विधायक आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत विधायक कमलेश ठाकुर ने ग्रामीणों की समस्याएं और मांगें सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार प्रशासन को जनता की दहलीज तक पहुंचाकर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि ग्राम स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विधायक कमलेश ठाकुर ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लक्ष्मी नारायण मंदिर ठाकुरद्वारा चनौर में टाइल लगाने के लिए दो लाख रुपये, वेटरिनरी डिस्पेंसरी के निर्माण के लिए चार लाख रुपये और बेहड से थेडू संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कुराल बेहड क्षेत्र में श्मशान घाट से जुड़ी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया और बिजली आपूर्ति से संबंधित दिक्कतों के समाधान के लिए आवश्यक अपग्रेडेशन करने की बात कही।

विधायक ने जल शक्ति विभाग को गुलेरिया बस्ती में पेयजल टैंक निर्माण का प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली पेयजल आपूर्ति सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में धर्मशाला में चिट्टे के विरुद्ध जागरूकता वॉकाथॉन आयोजित की गई है, जिसे पंचायत स्तर तक और व्यापक रूप से ले जाने की जरूरत है।

कमलेश ठाकुर ने लोगों से नशे के खिलाफ इस जन-अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना को साझा करने के लिए प्रदेश सरकार ने 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया है। इस नंबर पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उसे प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत भी किया जाएगा। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार क्षेत्र के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।

इससे पहले विधायक कमलेश ठाकुर के चनौर पंचायत पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता परविंदर सिंह, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता परमजीत सलहोत्रा, वडल प्रधान सुमन, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पेंद्र ठाकुर, कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव इंद्रजीत शर्मा, यूथ ब्लॉक अध्यक्ष सुमित ठाकुर, ओबीसी कल्याण बोर्ड सदस्य राजकुमार, महिला मंडल प्रधान दर्शना, जिला परिषद सदस्य पुष्पा मनिहास, सतिंद्र महंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kangra: धर्मशाला कॉलेज के NCC कैडेट्स का कमाल, ATC-247 में जीते 7 गोल्ड मेडल; प्रज्ञा और मनिषा का हुआ खास चयन

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला के एनसीसी कैडेट्स ने एटीसी-247 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण पदक जीते। कैडेट प्रज्ञा और मनिषा का विशेष चयन हुआ, जबकि एसयूओ कैडेट करन को कैंप सीनियर बनाया गया।

Kangra: हरनेरा-बड़ंज तत्वानी सड़क की हालत चिंताजनक, खतरे में आवाजाही; जल्द मरम्मत की मांग

हरनेरा से बड़ंज तत्वानी जाने वाली सड़क की कमजोर स्थिति ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत की मांग की है।

नूरपुर विधायक रणबीर सिंह निक्का की भाजपा विधायक दल की बैठक में अहम मौजूदगी, सदन में जनहित के मुद्दे मजबूती से उठाने पर बनी...

नूरपुर विधायक ठाकुर रणबीर सिंह निक्का भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक में सदन की आगामी कार्यवाही, जनहित के मुद्दों और हिमाचल प्रदेश के विकास को लेकर पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई।

हिमाचल के हजारों TGT शिक्षकों को झटका, 2006-07 नियुक्तियों का विशेष वरिष्ठता लाभ वापस; पदोन्नति पर भी पड़ सकता है असर

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 2006 और 2007 में नियुक्त टीजीटी शिक्षकों को दिए गए विशेष वरिष्ठता लाभ वापस ले लिए हैं। हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में अंतिम वरिष्ठता सूची में संशोधन किया गया है, जिससे शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा संबंधी दावों पर असर पड़ सकता है।