हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत चरड़ा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। संसर धार इलाके में चराई के लिए छोड़ी गई 21 भैंसें एक खाई में गिरकर मौके पर ही मारी गईं। इस हादसे में गुज्जर समुदाय से संबंधित तीन परिवारों—शामू, मंगरु और बिला पुत्र रोशन—की पूरी आजीविका पर गहरा संकट आ गया है। इन परिवारों का मुख्य सहारा दूध बेचकर कमाई करना था, और भैंसों की इस अचानक हुई मौत से करीब 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
बताया गया है कि ये भैंसें रोज की तरह दिनभर चराई के लिए संसर धार क्षेत्र में छोड़ी गई थीं। शाम के समय अचानक एक भैंस फिसलकर खाई में गिर गई, और उसके पीछे-पीछे बाकी भैंसें भी एक-दूसरे से टकराती हुई गहराई में जा गिरीं। सभी भैंसों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। मृत भैंसों में आधी दूध देने वाली थीं जबकि शेष गाभिन थीं। ऐसे में इन पशुओं की मौत से न केवल वर्तमान आमदनी पर असर पड़ा है, बल्कि भविष्य की संभावित आय भी समाप्त हो गई है।
जानकारी के अनुसार, ये परिवार हाल ही में पंजाब से अपनी भैंसों को लेकर संसर धार पट्टा क्षेत्र में आए थे। गर्मियों में ये लोग पहाड़ी इलाकों में भैंसों को चराने के लिए आते हैं और सर्दियों में वापस पंजाब लौट जाते हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचित किया। ग्राम पंचायत चरड़ा की प्रधान केतकी देवी ने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना राजस्व विभाग को दे दी है और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
तहसीलदार चुराह आशीष ठाकुर ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पटवारी, पशुपालन विभाग और पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। घटनास्थल बेहद दुर्गम क्षेत्र में है, और शनिवार तक पूरी जानकारी प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
यह हादसा न केवल आर्थिक रूप से नुकसानदेह है, बल्कि इन परिवारों की दैनिक जिंदगी पर भी गहरा असर डालने वाला है।
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