Shimla: शिमला में बड़ा विवाद: मंत्री पर केस के बाद अब स्थानीयों ने NHAI अधिकारियों पर दर्ज करवाई FIR, मामला बना क्रॉस केस

शिमला के भट्टाकुफर क्षेत्र में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद उत्पन्न विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ एनएचएआई अधिकारियों की शिकायत पर केस दर्ज होने के बाद अब स्थानीय निवासियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। ढली थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर एनएचएआई के अधिकारियों अचल जिंदल और इंजीनियर योगेश के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इन पर दुर्व्यवहार, रास्ता रोकने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।

पहले मामले में भट्टाकुफर क्षेत्र के आठ स्थानीय निवासी—अनिल कुमार, हेत राम ठाकुर, सुरेंद्र चौहान, केआर मेहता, अनिल वर्मा, सोहन ठाकुर, राजेश ठाकुर और अशोक राजटा—ने एक संयुक्त शिकायत दी। इसमें आरोप है कि 30 जून को एनएचएआई के प्रबंधक अचल जिंदल और इंजीनियर योगेश ने उनका रास्ता रोका और अपशब्द कहे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एनएचएआई की लापरवाही के चलते उनका घर खतरे में आ गया है और कॉलोनी में एक मकान पहले ही गिर चुका है।

दूसरे मामले में निहाल ठाकुर नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अचल जिंदल और योगेश ने रास्ता रोकने के साथ-साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस शिकायत में बृज लाल, निशांत, चंदा देवी, रीना रपटा, चेतन चौहान, प्रदीप, अशोक राजटा और संजीव समेत कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि एनएचएआई द्वारा किए जा रहे फोरलेन निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण कई मकानों को नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार आग्रह के बावजूद कटाव का कार्य नहीं रोका गया, जिससे उन्हें अपने घर खाली करने पड़े और रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

इससे पहले एनएचएआई के अधिकारी अचल जिंदल की ओर से दर्ज करवाई गई शिकायत में मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 30 जून को भट्टाकुफर की माठू कॉलोनी में इमारत गिरने के बाद प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से कमरे में ले जाकर मारपीट की। घायल अधिकारी किसी तरह मौके से जान बचाकर भागे और स्वयं अपनी गाड़ी से आईजीएमसी अस्पताल पहुंचे। यह आरोप भी लगाया गया कि घटना के समय प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।

अब यह मामला क्रॉस एफआईआर बन गया है, जहां एक तरफ मंत्री और उनके सहयोगियों के खिलाफ एनएचएआई अधिकारियों की शिकायत है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों ने एनएचएआई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ढली थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज कर लिए हैं और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वह हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी।

यह मामला अब न केवल प्रशासनिक और कानूनी दृष्टिकोण से बल्कि राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है। इमारत गिरने की घटना और उसके बाद सामने आए आरोप-प्रत्यारोपों ने पूरे क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है और प्रशासन पर भी सवाल उठे हैं।

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