Mandi: हिमाचल में मजदूरों के बच्चों को मिल रही उच्च शिक्षा के लिए 1.20 लाख तक की मदद, जानिए कैसे उठाएं योजना का लाभ

Date:

--Advertisement--

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं में शिक्षा के क्षेत्र में किया गया नवाचार वाकई में सराहनीय है। प्रदेश के उन मेहनतकश परिवारों के लिए, जो रोजाना की मजदूरी से अपने बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश कर रहे हैं, यह योजना एक नई उम्मीद की किरण बनकर आई है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई के लिए वार्षिक ₹8,400 से लेकर ₹1,20,000 तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है।

कामगारों के बच्चों के लिए नई राह

प्रदेश के मंडी जिले में इस योजना के तहत अब तक 1,254 श्रमिक परिवारों को लगभग ₹3.41 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह न केवल इन बच्चों की पढ़ाई का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, बल्कि पूरे समाज को शिक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

होस्टल सुविधा भी शामिल

उन विद्यार्थियों को जो पढ़ाई के लिए अपने घर से बाहर जाकर हॉस्टल में रह रहे हैं, उन्हें भी इस योजना में ₹20,000 तक की सालाना मदद दी जा रही है ताकि उनकी आवासीय जरूरतों में भी कोई बाधा न आए।

योजना की जानकारी सहेली से मिली, बेटियों को मिला सहारा

सरकाघाट क्षेत्र के गांव योह की निलिमा देवी बताती हैं कि उनके पति मनोज कुमार मनरेगा और घरेलू मजदूरी से परिवार चलाते हैं। सहेली से इस योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने पति का श्रमिक कार्ड बनवाया और दोनों बेटियों—रितिका (छठी कक्षा) और कृतिका (दसवीं कक्षा)—के लिए फॉर्म भरा। बोर्ड द्वारा उन्हें ₹16,800 की आर्थिक सहायता दी गई, जिससे बेटियों की पढ़ाई संभव हो सकी।

श्रेणियों के अनुसार मदद का विवरण:

  • कक्षा 1 से 8: ₹8,400 प्रति वर्ष
  • कक्षा 9 से 12: ₹12,000 प्रति वर्ष
  • स्नातक स्तर की शिक्षा: ₹36,000 प्रति वर्ष
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा: ₹48,000 प्रति वर्ष
  • B.Tech, M.Tech, MBBS जैसे प्रोफेशनल कोर्स: ₹1,20,000 प्रति वर्ष

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

योजना का लाभ उठाने के लिए कामगार की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन कार्यरत होना आवश्यक है। आवेदक को निर्माण, पुल, बांध, बिजली, जल निकासी आदि कार्यों में संलग्न होना चाहिए और वह कारखाना अधिनियम 1948 अथवा खान अधिनियम 1952 के अंतर्गत नहीं आना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • राशन कार्ड/परिवार रजिस्टर
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो
  • आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र/स्कूल सर्टिफिकेट/ड्राइविंग लाइसेंस/मतदाता कार्ड आदि)

ऑनलाइन आवेदन:
कामगार वेबसाइट https://bocw.hp.nic.in पर जाकर पंजीकरण या नवीनीकरण कर सकते हैं।

प्रशासन की सक्रियता

डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए इस योजना को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kullu: आनी में बाजार गई महिला लापता, पति की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज; पुलिस ने शुरू की तलाश

कुल्लू जिले के आनी में बाजार गई एक महिला के वापस नहीं लौटने पर उसके पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता को आशंका है कि कोई व्यक्ति महिला को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने BNS की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

Kangra: चढ़ी में 450 विद्यार्थी दिखाएंगे वैज्ञानिक प्रतिभा, विधायक केवल सिंह पठानिया ने स्कूल और खेल मैदान के लिए किए 21 लाख रुपये देने...

कांगड़ा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चढ़ी में 33वीं जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का शुभारंभ विधायक केवल सिंह पठानिया ने किया। दो दिवसीय आयोजन में करीब 450 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। विधायक ने स्कूल के विकास के लिए 10 लाख, खेल मैदान के लिए 10 लाख और कार्यक्रम के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की।

Kangra: मेजर विजय सिंह मनकोटिया को राजकीय सम्मान न मिलने पर पूर्व सैनिकों में नाराजगी, कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की मांग

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया को राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज शाहपुर का नाम उनके नाम पर रखने और क्षेत्र में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। पूर्व सैनिकों ने सरकार से राजकीय सम्मान के मापदंडों पर भी जवाब मांगा है।

Kangra: धारकंडी में सड़कों पर खर्च होंगे 64 करोड़ रुपये, सल्ली स्कूल को मिला 15 लाख का स्मार्ट क्लासरूम; विधायक केवल सिंह पठानिया ने...

शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने धारकंडी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सल्ली में 15 लाख रुपये से बने स्मार्ट क्लासरूम का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की विभिन्न सड़कों पर करीब 64 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने, सल्ली सड़क की मरम्मत और बस सेवा बहाल करने का आश्वासन दिया।