सरकाघाट, 29 सितम्बर 2025। सरकाघाट में सोमवार को एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत खंड स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक एसडीएम स्वाति डोगरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल विकास परियोजनाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना था।
बैठक में बाल विकास परियोजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। एसडीएम स्वाति डोगरा ने कहा कि योजना की सफलता का सीधा असर समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ता है। इसलिए यह आवश्यक है कि योजनाओं का लाभ समय पर और सही तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित फील्ड विजिट और अनुश्रवण के माध्यम से योजनाओं की प्रगति को सुनिश्चित किया जाए।
योजनाओं की समीक्षा और प्रमुख चर्चा
बैठक में पूरक पोषाहार कार्यक्रम, पूर्व-शाला शिक्षा, आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं और सेवाओं के सार्वभौमीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने चर्चा की कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं प्रदान करें। इसके साथ ही घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की जानकारी पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई:
• बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
• बेटी है अनमोल योजना
• मुख्यमंत्री कन्यादान योजना
• मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना
• इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना
• विधवा पुनर्विवाह योजना
• मुख्यमंत्री शगुन योजना
• सशक्त महिला योजना
• पोषण अभियान
• प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
एसडीएम ने सभी अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने जोर दिया कि समयबद्ध कार्यान्वयन और फील्ड विजिट के जरिए योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए।
बाल विकास परियोजना की प्रगति
बैठक में बाल विकास परियोजना सरकाघाट के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना के अंतर्गत खंड में संचालित 407 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 महीने से 3 वर्ष तक के 2,451 बच्चों और 863 गर्भवती एवं धात्री माताओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
एसडीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत 57 मामले, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 279 मामले और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 147 मामले स्वीकृत किए गए हैं। ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी सरकाघाट अनिता शर्मा, तहसील कल्याण अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा, सांख्यिकी सहायक नरेन्द्र पाल, पर्यवेक्षक और शिक्षा, स्वास्थ्य, जल शक्ति, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता
एसडीएम ने बैठक में कहा कि योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, लाभार्थियों के फीडबैक को समय-समय पर मॉनिटर किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की तुरंत पहचान हो सके।
विशेष रूप से पोषण अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में नियमित निरीक्षण और फील्ड विजिट को अनिवार्य किया गया। इसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण स्तर, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में समयबद्धता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करना होगा। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि किसी भी प्रकार की देरी या कमी न हो और योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।
बाल विकास केंद्रों और आंगनवाड़ी भवनों की स्थिति
बैठक में बाल विकास परियोजना सरकाघाट में निर्मित आंगनवाड़ी भवनों और उनके रख-रखाव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मनरेगा के तहत बनाए जा रहे आंगनवाड़ी भवनों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाए और भवन बच्चों और माताओं के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक हो।
महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ
बैठक में महिलाओं और बच्चों के लिए चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या, योजना का क्रियान्वयन और समय पर लाभ वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा, सशक्त महिला योजना और विधवा पुनर्विवाह योजना के प्रभाव और पहुंच को भी देखा गया।
एसडीएम स्वाति डोगरा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है कि सभी योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी रूप से पात्रों तक पहुंचे।
फील्ड विजिट और अनुश्रवण की महत्ता
बैठक में यह भी तय किया गया कि योजनाओं के प्रभावशीलता को सुनिश्चित करने के लिए नियमित फील्ड विजिट की जाए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों, पोषण कार्यक्रमों और अन्य कल्याणकारी गतिविधियों का निरीक्षण करना होगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी प्रकार की अनियमितता या कमी का पता तुरंत लगाया जा सकेगा।
निष्कर्ष
सरकाघाट में आयोजित यह बैठक राज्य में बाल विकास और महिलाओं के कल्याण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एसडीएम स्वाति डोगरा के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की सहभागिता और योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा यह सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से और समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे।
बैठक में तय दिशा-निर्देशों और फील्ड विजिट के माध्यम से क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन होगा, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया जाएगा।
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