हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सराज घाटी इस समय एक भीषण संकट से गुजर रही है। क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा ने जहां लोगों के घर, वाहन और सामान तबाह कर दिए, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्व इस त्रासदी को अवसर बनाकर लूटपाट जैसी शर्मनाक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसी ही एक घटना थुनाग के सुरागी गांव में सामने आई, जहां एक शिक्षक अजय कुमार को दो नकाबपोश बदमाशों ने चाकू की नोंक पर लूट लिया। वह ड्यूटी से लौट रहे थे और बस अड्डे से कुछ ही दूरी पर थे जब बदमाशों ने उन्हें रोककर ₹1200 छीन लिए। उन्होंने तत्काल इस घटना की शिकायत प्रशासन को दी है। इसके अलावा, सराज घाटी में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियों के कलपुर्जे चुराने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि उनकी बह चुकी गाड़ियां जब उन्हें बाद में मिलीं, तो उनके स्पेयर पार्ट्स अलग कर लिए गए थे। गिरधारी लाल की गाड़ी कोर्ट परिसर से पांच किलोमीटर दूर मिली थी, लेकिन उसके पुर्जे बिखरे हुए थे, जिससे यह साफ है कि चोर योजनाबद्ध तरीके से ऐसी वारदातें कर रहे हैं। चोरी की एक और दुखद घटना में, एक 66 वर्षीय महिला ने बताया कि उनका घर बाढ़ में बह गया था, लेकिन उन्होंने कुछ कपड़े बचा लिए थे। जब उन्होंने इन कपड़ों को धोकर बाहर सुखाया, तो अगली सुबह देखा कि वे भी चोरी हो गए। यह घटना उनके दुख को और गहरा करने वाली थी। इसी तरह, दुकानदार ललित कुमार की मोबाइल दुकान बाढ़ के मलबे में दब गई थी और उसका शटर टूट गया था। ऊंचाई पर रखे मोबाइल और एलईडी बाढ़ से तो बच गए, लेकिन चोरों ने उन्हें चुरा लिया। इस तरह की घटनाएं उन लोगों के लिए दोहरी मार बन गई हैं, जो पहले ही प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं। मंडी के डीएसपी गौरवजीत सिंह ने इन घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और चोरों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इन वारदातों पर काबू पाया जाएगा। इस कठिन समय में प्रशासन और आम जनता को मिलकर ऐसे असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए एकजुट होना होगा, ताकि संकट के इस दौर में इंसानियत शर्मसार न हो।
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!