आरएलए (रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी) बिलासपुर में सामने आए बहुचर्चित फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन ने एक और कड़ा कदम उठाया है। इस प्रकरण में संलिप्त दूसरे आरोपी गौरव भारद्वाज को भूमि अभिलेख निदेशक शिमला ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी गौरव भारद्वाज एसडीएम कार्यालय झंडूता की गन लाइसेंस शाखा में तैनात था और बीते कई दिनों से ड्यूटी से गायब चल रहा था।
जानकारी के अनुसार गौरव भारद्वाज 21 जनवरी की दोपहर के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम झंडूता ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और न ही वह ड्यूटी पर लौटा। इसके बाद 28 जनवरी को एसडीएम झंडूता ने उपायुक्त बिलासपुर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी बिलासपुर ने भूमि अभिलेख निदेशक शिमला को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद भूमि अभिलेख निदेशक ने केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 1965 के नियम 10 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए गौरव भारद्वाज को निलंबित करने के आदेश जारी किए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल पहले आरोपी सुभाष को 21 जनवरी को गिरफ्तार किए जाने के बाद पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वहीं दूसरा आरोपी गौरव भारद्वाज अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है।
फर्जीवाड़े की गहराई से जांच के लिए प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। डीसी बिलासपुर राहुल कुमार ने गौरव भारद्वाज के निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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