कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पौंग बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और अब ये खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है। बीते 24 घंटों में जलस्तर में 5 फुट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को जहां जलस्तर 1361.07 फुट था, वहीं रविवार सुबह तक यह बढ़कर 1365.26 फुट तक पहुंच गया है।
अगर यही रफ्तार अगले दो दिन और जारी रही, तो बांध के फ्लड गेट खोलने की नौबत आ सकती है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, गांवों को किया गया सतर्क
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांध प्रबंधन ने हिमाचल के कांगड़ा और पंजाब के होशियारपुर जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही, ब्यास नदी के किनारे बसे गांवों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बांध अधिकारियों ने दोनों राज्यों के डीसी, स्वास्थ्य विभाग और बाकी एजेंसियों को एडवाइजरी भेज दी है ताकि किसी भी आपात स्थिति से पहले तैयारियां पूरी की जा सकें।
पानी की आमद जारी, टरबाइनों से भी नहीं हो रही राहत
फिलहाल पौंग बांध में 125099 क्यूसिक पानी आ रहा है, जबकि सिर्फ 16500 क्यूसिक पानी ही महाराणा प्रताप सागर झील की 6 टरबाइनोंके ज़रिए ब्यास नदी और शाह नहर में छोड़ा जा रहा है।
बांध की कुल भरण क्षमता 1410 फुट मानी जाती है, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 1420 फुट तक है। आमतौर पर जलस्तर जब 1380 फुट के करीब पहुंचता है, तो फ्लड गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है ताकि पानी का दबाव कम किया जा सके।
बिजली उत्पादन चरम पर, लेकिन दबाव अब भी बना हुआ
पौंग डैम में लगी हर टरबाइन 210 मेगावाट बिजली बना सकती है। इस समय सभी 6 टरबाइनों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन तेज बारिश के कारण पानी की आमद इतनी अधिक है कि ये उपाय भी पर्याप्त नहीं हो पा रहा।
भारी बारिश का अलर्ट, हालात और बिगड़ सकते हैं
मौसम विभाग ने हिमाचल और आसपास के इलाकों में आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगर ऐसा होता रहा तो बांध पर दबाव और बढ़ेगा और फ्लड गेट खोलना प्रशासन की मजबूरी बन सकता है।
निष्कर्ष:
हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, लेकिन स्थानीय लोगों से भी अपील है कि वो अधिकारियों की चेतावनी का पालन करें और समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें।
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