कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.25% ब्याज दर की सिफारिश की है। यह निर्णय शुक्रवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई 237वीं बैठक में लिया गया। ब्याज दर को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद खातों में जमा किया जाएगा। बोर्ड ने पिछले वित्त वर्ष (2023-24) की ब्याज दर को बरकरार रखने का निर्णय लिया है। बैठक में उपाध्यक्ष शोभा करंदलाजे, सह-उपाध्यक्ष सुमिता डावरा, श्रम एवं रोजगार सचिव और ईपीएफओ आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बढ़कर 6.2% हो गई, जो पिछली तिमाही में 5.4% थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.5% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी (स्थिर कीमतों पर) ₹47.17 लाख करोड़ आंकी गई है, जो पिछले साल की तीसरी तिमाही में ₹44.44 लाख करोड़ थी, यानी 6.2% की वृद्धि। नाममात्र जीडीपी (मौजूदा कीमतों पर) ₹84.74 लाख करोड़ आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹77.10 लाख करोड़ थी, यानी 9.9% की वृद्धि। वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) ₹43.13 लाख करोड़ आंका गया है, जो पिछले वर्ष ₹40.60 लाख करोड़ था, यानी 6.2% वृद्धि, जबकि नाममात्र GVA ₹77.06 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹69.90 लाख करोड़ था, यानी 10.2% वृद्धि।
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