कुल्लू जिले में आग की घटनाएं लगातार चिंता का कारण बन रही हैं। हाल ही में लगघाटी के भूमतीर गांव में एक और दिल दहलाने वाली आगजनी की घटना सामने आई। इस घटना में एक ढाई मंजिला लकड़ी से बना घर, जो पारंपरिक काष्ठकुणी शैली में था, जलकर राख हो गया। आग की इस घटना में करीब 50 हजार रुपये का नुक्सान हुआ है।
घटना रात के समय की है, जब अचानक केहर सिंह, कुशल चंद और ज्ञान चंद के संयुक्त घर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। गांववासियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को इसकी सूचना दी।
दमकल विभाग की टीम ने कुल्लू से 14.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 34 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की मदद से आग को और फैलने से रोक लिया गया। हालांकि, घर का ज्यादातर सामान जलकर खाक हो गया।
कुल्लू फायर स्टेशन के फायर ऑफिसर प्रेम भारद्वाज ने बताया कि दमकल की त्वरित कार्रवाई से करीब 60 लाख रुपये की संपत्ति को जलने से बचा लिया गया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घरों के पास ज्वलनशील सामग्री जैसे सूखी घास का भंडारण न करें, क्योंकि अधिकतर आग की घटनाएं इसी वजह से होती हैं।
यह घटना हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आग से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पारंपरिक लकड़ी के मकानों में आग लगने का खतरा अधिक रहता है। स्थानीय लोगों से आग से बचाव के आधुनिक उपाय अपनाने और घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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