ज्वाली में सोमवार को उपमंडल स्तरीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने की। यह बैठक लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह ज्वाली में हुई, जिसमें उपमंडल के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चालू वित्त वर्ष के अंतिम क्वार्टर में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना रहा।

कृषि मंत्री ने बताया कि यह वित्त वर्ष का अंतिम क्वार्टर है, ऐसे में फंड अलॉटमेंट और खर्च की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन योजनाओं में धन की कमी सामने आई, उनके लिए उन्होंने मौके पर ही उच्च अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक में लोक निर्माण विभाग से ज्वाली डिग्री कॉलेज भवन को लेकर वन विभाग से फॉरेस्ट क्लीयरेंस और भूमि को शिक्षा विभाग के नाम स्थानांतरित करने की प्रगति की जानकारी ली गई। इसके अलावा ज्वाली खेल मैदान के निर्माण के लिए वन विभाग को तत्काल एनओसी जारी करने और राजस्व विभाग को खेल विभाग के नाम भूमि हस्तांतरण के निर्देश दिए गए।

कृषि मंत्री ने ज्वाली अस्पताल की पुरानी इमारत की मरम्मत, 50 बिस्तरों वाले नए भवन और नगरोटा सूरियां अस्पताल के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने इन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई-III के तहत ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से सड़कों के उन्नयन का कार्य चल रहा है। सर्दियों में ब्लैकटॉपिंग संभव न होने के कारण फिलहाल जल निकासी के लिए नालियों और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 87 करोड़ रुपये की लागत से गज्ज खड्ड पर बनने वाले पुल की ड्राइंग अंतिम चरण में है और इसी माह इसके पिलर निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। अनूही में देहर खड्ड पर प्रस्तावित पुल को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई।

जल शक्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि ज्वाली शहरी क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत 15.50 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम तेज गति से चल रहा है। वहीं घाड़ जरोट क्षेत्र की 16 पंचायतों के 45 गांवों के लिए 29.65 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल योजना तैयार की जा रही है। इन योजनाओं की पाइपलाइन रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरनी है, जिसके लिए रेलवे से अनुमति लेकर कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। नगरोटा सूरियां में 34 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सीवरेज परियोजना में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों के सुधार और विस्तार पर 16.70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरडीएसएस योजना के तहत 7.25 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम हो रहा है, जिसके तहत नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, कई ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, नई लाइनें बिछाई जाएंगी और स्मार्ट मीटर बदले जाएंगे।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से लेने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास को जनहित से जोड़कर आगे बढ़ा रही है और हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बैठक में एसडीएम नरेंद्र जरियाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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