ज्वालामुखी (हिमाचल प्रदेश): वन विभाग ज्वालामुखी की टीम ने सपड़ी भाटी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए खैर के पेड़ों की अवैध कटान से संबंधित सैकड़ों मौछे बरामद किए हैं। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत 10 से 15 लाख रुपये आंकी गई है। इस गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई में जब टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि एक ठेकेदार अपने ही घर के पास खैर की छंटाई कर रहा था। जांच के दौरान उसके पास किसी भी प्रकार की खैर कटान की वैध अनुमति नहीं पाई गई।

इस कार्रवाई का नेतृत्व आरओ ज्वालामुखी ईशानी ने किया, जिनके साथ वनरक्षक रिक्की शर्मा, दीपक कुमार और विनोद कुमार शामिल थे। विभाग की टीम ने बरामद मौछों के साथ-साथ कटान में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। ठेकेदार का दावा है कि यह खैर के पेड़ उसने अपनी मिलकीयत भूमि से काटे हैं, लेकिन वन विभाग इस दावे की पुष्टि के लिए जांच कर रहा है।

जांच के दौरान विभाग को यह भी पता चला कि अधिकांश पेड़ों को केवल काटा ही नहीं गया, बल्कि उन्हें जड़ से उखाड़ दिया गया है, जो वन कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। नियमों के अनुसार खैर कटान के दौरान पेड़ों को जड़ से नहीं हटाया जा सकता, लेकिन मौके पर जो स्थिति देखी गई, वह इस पूरे मामले को और भी गंभीर बनाती है।
वन विभाग ने आसपास के जंगलों में भी दबिश देना शुरू कर दिया है ताकि अवैध खैर कटान से जुड़े अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा सकें। आरओ ईशानी ने बताया कि यह अब तक की बड़ी कार्रवाई है और आने वाले समय में ड्रोन की मदद से भी जंगलों की निगरानी की जाएगी ताकि इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

डीएफओ देहरा सन्नी वर्मा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग अवैध कटान करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शने वाला नहीं है। क्षेत्र में खैर माफिया की सक्रियता को देखते हुए गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। वन विभाग की इस मुहिम से खैर तस्करों में हड़कंप मच गया है और विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
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