हिमाचल प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश भर में एचआरटीसी (हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) द्वारा जेएनएनयूआरएम (JNNURM) के तहत मिली बसों को कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से चलाने के खिलाफ निजी बस ऑपरेटरों ने सख्त ऐतराज़ जताया है। हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ ने आरोप लगाया है कि एचआरटीसी न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करते हुए इन बसों को क्लस्टर क्षेत्र से बाहर और अंतरराज्यीय रूटों पर चला रहा है, जो न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की भी सीधी अवहेलना है।

संघ ने इस विषय में प्रधान सचिव (परिवहन) को पत्र लिखकर अवैध संचालन को तुरंत रोके जाने की मांग की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इन बसों को गैरकानूनी रूप से चलना नहीं रोका गया, तो निजी ऑपरेटर मजबूर होकर न्यायालय की अवमानना का मामला दर्ज करवाएंगे या फिर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में समस्त जिम्मेदारी एचआरटीसी और परिवहन विभाग के अधिकारियों की होगी। साथ ही, संघ ने मांग की है कि इन बसों के संचालन में शामिल निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन बसों को चलाए जाने को लेकर विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है और बसें लगातार अवैध रूप से चल रही हैं। संघ ने कहा कि यह सिलसिला न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि राज्य के हजारों निजी बस ऑपरेटरों के लिए आर्थिक नुकसान और प्रतिस्पर्धा में असंतुलन भी पैदा कर रहा है।
इसके साथ ही, संघ ने यह भी मुद्दा उठाया कि यदि एचआरटीसी की इन बसों से टोकन टैक्स और एसआरटी (स्पेशल रोड टैक्स) नहीं लिया जा रहा है, तो यही सुविधा निजी बस ऑपरेटरों को भी दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि या तो जेएनएनयूआरएम बसों से भी टैक्स वसूला जाए, या फिर सभी निजी बसों को टैक्स में छूट प्रदान की जाए, ताकि समानता बनी रहे।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि इन अवैध बसों के कारण निजी चालकों और परिचालकों के साथ विवाद के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नाहन की घटना का हवाला दिया, जहां बिना परमिट के चल रही एक जेएनएनयूआरएम बस के चालक ने एक निजी बस चालक के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इन अवैध बसों का संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह ग्राउंड लेवल पर तनाव और टकराव को भी बढ़ावा दे रहा है।
वहीं, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एचआरटीसी शिमला के डीएम देवासेन नेगी ने स्पष्ट किया कि जेएनएनयूआरएम की बसें सभी नियमानुसार चलाई जा रही हैं और निगम के पास सभी रूटों के वैध परमिट उपलब्ध हैं। उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बसों का संचालन नियमों के अनुसार ही हो रहा है और किसी भी प्रकार का उल्लंघन नहीं किया गया है।
यह मामला हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और समान अवसर को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। निजी बस ऑपरेटर जहां न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं एचआरटीसी ने सभी कार्यों को वैध बताया है। अब देखना यह होगा कि परिवहन विभाग इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है और क्या कोई संतुलित समाधान निकलता है या नहीं।
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!