Himachal: रिश्वत मांगते रंगे हाथ पकड़ा गया अफसर! HRTC मुख्यालय में हड़कंप, जांच अधिकारी सस्पेंड

हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी परिषद की एक तथ्यपूर्ण शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम के मुख्य कार्यालय शिमला में तैनात एक इंक्वायरी ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस फैसले का परिवहन कर्मचारी परिषद, निगम कर्मियों और पेंशनरों ने खुलकर स्वागत किया है।

परिषद के प्रदेश संयोजक शंकर सिंह ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित अधिकारी वर्ष 2025 में परिचालक करण कुमार की विभागीय जांच कर रहा था। आरोप है कि अधिकारी ने जांच रिपोर्ट पक्ष में करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी और 10 हजार रुपये अग्रिम देने का दबाव बनाया। परेशान होकर परिचालक ने गूगल पे के जरिए 4 हजार रुपये भेज दिए, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी की ओर से लगातार फोन कर और पैसों की मांग की जाती रही।

मामला सामने आने के बाद परिषद ने इसकी लिखित शिकायत निगम के प्रबंध निदेशक को सौंपी। शिकायत के आधार पर निगम प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को निलंबित कर दिया। मामले की निष्पक्ष जांच शिमला मंडलीय प्रबंधक द्वारा की जा रही है। शंकर सिंह ठाकुर ने बताया कि 6 जनवरी को जांच के दौरान आरोपी अधिकारी की कॉल डिटेल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जांच अधिकारी को सौंप दिए गए हैं।

प्रदेश संयोजक ने बताया कि इससे पहले भी परिषद ने चंबा, देहरा और पालमपुर समेत कई डिपुओं में हुए लाखों रुपये के भ्रष्टाचार को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में परिषद और उसके सदस्यों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कभी नहीं रुकी।

शंकर सिंह ठाकुर ने मांग की है कि आरोपी अधिकारी के बैंक खाते सीज किए जाएं, एफआईआर दर्ज की जाए और पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से निगम के छोटे कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण रुकेगा। साथ ही उन्होंने निगम प्रबंधन से बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच पूरी कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!