Kangra: हिमाचल विधानसभा में हंगामा! राजस्व मंत्री की टिप्पणी पर BJP का वॉकआउट, सत्र में दिनभर ठप पड़ा काम

हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की तीखी टिप्पणी से नाराज भाजपा विधायकों ने वैल में उतरकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को भोजन अवकाश से करीब 17 मिनट पहले ही सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

हंगामा तब शुरू हुआ जब राजस्व मंत्री नियम-67 के तहत चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष समेत भाजपा विधायकों पर कड़े शब्दों में टिप्पणी की, जो विपक्ष को नागवार गुज़री। भाजपा विधायक वैल में जाकर नारेबाजी करने लगे, तो सत्ता पक्ष ने भी जवाबी नारेबाजी शुरू कर दी।

भोजन अवकाश के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष का गुस्सा कम नहीं हुआ। BJP विधायकों ने राजस्व मंत्री का बहिष्कार जारी रखा और जैसे ही नेगी बोलने उठते, विपक्ष सदन से बाहर निकल जाता।

5000 करोड़ की मदद का दावा गलत: CM सुक्खू

चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को केंद्र सरकार से प्राकृतिक आपदा के नाम पर 5,000 करोड़ रुपए की कोई विशेष सहायता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य को सिर्फ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीडीएनए के तहत रूटीन ग्रांट ही मिली है।

CM ने कहा कि भाजपा विधायक रणधीर शर्मा का दावा पूरी तरह गलत है।

विपक्ष के वॉकआउट के बाद स्थगन प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।

लगातार दूसरे दिन बाधित रहा प्रश्नकाल व शून्यकाल

पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव टालने के मुद्दे पर लगातार दूसरे दिन नियम-67 के तहत चर्चा चलती रही। इससे सत्र के दोनों दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल बाधित रहे।

सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल चलने की संभावना है। यह दिन गैर-सरकारी सदस्य कार्यदिवस के रूप में निर्धारित है, जिसमें कुलदीप सिंह पठानिया, भवानी सिंह पठानिया, चंद्रशेखर, सुखराम चौधरी और इंद्रदत्त लखनपाल अपने संकल्प प्रस्तुत करेंगे।

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