हिमाचल प्रदेश में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस विभाग ने अपने ही कर्मचारियों पर अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। कुल्लू की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में तैनात 4 पुलिस कर्मियों को एलएसडी ड्रग्स तस्करी के मामले में शामिल पाए जाने के बाद तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने साफ कहा है कि यह कदम राज्य की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उठाया गया है, जिसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
ड्रग्स माफिया की मदद करने के आरोप में जिन पुलिस कर्मियों को नौकरी से हटाया गया है, उनमें हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल समीर कुमार, कांस्टेबल नितेश और कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल हैं। विभागीय जांच में दोष साबित होने के बाद इन पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) और पुलिस अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है और इन्हें सेवा से स्थायी रूप से हटा दिया गया है।
यह पूरा मामला शिमला के न्यू शिमला थाना क्षेत्र में पकड़ी गई एक बड़ी ड्रग्स खेप से जुड़ा है। 10 मार्च 2026 को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब के मोगा निवासी संदीप शर्मा और सिरमौर की प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 562 एलएसडी स्ट्रिप्स बरामद हुई थीं, जिनका कुल वजन लगभग 11.570 ग्राम था। पूछताछ में सामने आया कि इस ड्रग्स की सप्लाई केरल निवासी नविएल हैरिसन कर रहा था, जिसे बाद में 13 मार्च को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। इसी कड़ी में पूरा नेटवर्क सामने आया और पुलिस कर्मियों की संलिप्तता उजागर हुई।
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह ड्रग्स खेप कुल्लू लाई गई थी और STF में तैनात इन चारों पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी थी। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने तस्करों के साथ मिलकर खेप को आगे बढ़ाने में मदद की। डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका स्पष्ट हुई, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता और आपराधिक साजिश माना गया।
पुलिस मुख्यालय ने 16 मार्च 2026 को इन चारों को पहले निलंबित किया था और 19 मार्च को शिमला पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब जांच पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की अंतिम कार्रवाई की गई है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में यह पहली बार नहीं है जब ड्रग्स से जुड़े मामलों में पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले 17 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है और अब यह संख्या बढ़कर 21 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।
राज्य में नशे के खिलाफ ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान 15 नवंबर 2025 से चलाया जा रहा है। पुलिस इसे जनभागीदारी से एक बड़ा आंदोलन बनाने की कोशिश कर रही है। लोगों से अपील की गई है कि अगर किसी को नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारी मिले, तो तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।
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