करसोग, 24 जुलाई। हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंता गहराती जा रही है। इन्हीं घटनाओं के मूल कारणों की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित एक बहु-क्षेत्रीय विशेषज्ञ टीम ने मंडी जिला के करसोग उपमंडल का दौरा किया। इस टीम ने करसोग के दो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों — सरकोल और शंकर देहरा — का दौरा कर वहां पर भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से हुई तबाही का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।

यह टीम केंद्र सरकार की ओर से विशेष रूप से हिमाचल में बार-बार हो रही आपदाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण और उनके कारणों की गहराई से जांच के उद्देश्य से भेजी गई है। टीम ने घटनास्थलों पर पहुंचकर प्राकृतिक आपदा के प्रभावों का अध्ययन किया और यह समझने का प्रयास किया कि इन आपदाओं के पीछे कौन-कौन से प्राकृतिक और मानवीय कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

इस बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम का नेतृत्व कर्नल के.पी. सिंह कर रहे हैं, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) में सलाहकार (ऑपरेशन और कमांड) हैं। उनके साथ टीम में डॉ. एस.के. नेगी, मुख्य वैज्ञानिक (सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की), प्रोफेसर अरुण कुमार (सेवानिवृत्त भूविज्ञानी, मणिपुर विश्वविद्यालय), शोध वैज्ञानिक डॉ. सुष्मिता जोसेफ, और डॉ. नीलिमा सत्यम (प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग, आईआईटी इंदौर) शामिल रहे।
करसोग प्रशासन की ओर से एसडीएम गौरव महाजन ने टीम का स्वागत किया और प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने टीम को सरकोल और शंकर देहरा में आई आपदा, नुकसान, राहत कार्यों और भू-संरचनात्मक स्थिति की मौखिक व लिखित जानकारी दी।

इस अवसर पर उपमंडल करसोग के डीएसपी गौरवजीत सिंह, तहसीलदार वरुण गुलाटी, खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि हिमाचल प्रदेश में बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर उनका वैज्ञानिक समाधान निकाला जा सके, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके या उनके प्रभाव को कम किया जा सके।
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