प्रदेश के 100 CBSE स्कूलों में बंपर भर्ती, 2100 से ज्यादा पद भरने को सरकार ने जारी की गाइडलाइंस

प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध 100 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 2100 से अधिक पद भरे जाएंगे। मंगलवार को राज्य सरकार ने इन स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं, जिसके तहत सीबीएसई संबद्ध उत्कृष्टता विद्यालय योजना को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह योजना सीबीएसई संबद्धता के लिए अनुमोदित 130 सरकारी विद्यालयों में लागू होगी।

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन 100 स्कूलों में 560 नियमित शिक्षक, 130 स्पेशल एजुकेटर, 130 चौकीदार और स्वीपर तथा 390 मल्टीटास्क वर्कर के पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा इन स्कूलों के लिए योगा टीचर, काउंसलर कम वैलनेस, इंग्लिश और गणित के प्रोफेशनल शिक्षकों की नियुक्ति आउटसोर्स आधार पर की जाएगी।

सरकार ने सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के लिए शिक्षकों के उप-कैडर के सृजन की उप-योजना के तहत इन पदों को स्वीकृति दी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से मूल कैडर में उत्पन्न होने वाली रिक्तियों या शेष खाली पदों को प्रशिक्षु के रूप में सीधी भर्ती के जरिए भरा जाएगा। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 400 अंग्रेजी और 400 गणित शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। ये नियुक्तियां पांच वर्ष की अवधि के लिए 30,000 रुपये के निश्चित मासिक मानदेय पर होंगी, जो हर वर्ष 10 महीनों के लिए देय होगा।

विभाग इन शिक्षकों के माध्यम से अंग्रेजी और गणित में छात्रों की दक्षता बढ़ाने के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार करेगा, जो मौजूदा पाठ्यक्रम के अतिरिक्त होगा। छात्रों की संख्या के अनुसार इन शिक्षकों की तैनाती 130 विद्यालयों में की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अन्य सरकारी स्कूलों में भी सेवाएं ली जा सकेंगी। इसके अलावा इन स्कूलों में 390 अंशकालिक बहु-कार्यकारी कर्मचारियों की भी नियुक्ति होगी, जिसमें प्रत्येक स्कूल में तीन-तीन कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।

विद्यालयों में गैर-शिक्षण स्टाफ जैसे क्लर्क, जेओए (आईटी), वरिष्ठ सहायक और अधीक्षक ग्रेड-1 व 2 की आवश्यकता विभाग के भीतर पदों के युक्तिकरण और स्थानांतरण के माध्यम से पूरी की जाएगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन 100 सीबीएसई स्कूलों में छात्रों को प्रवेश उपलब्ध सीटों के अनुसार पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। हालांकि बालवाटिका स्तर पर संवाद या अवलोकन, कक्षा 1 से 5 तक के लिए मूलभूत साक्षरता व संख्यात्मकता परीक्षा, कक्षा 6 से 10 तक पूर्व कक्षाओं का ज्ञान परीक्षण और कक्षा 11 व 12 के लिए प्रवेश परीक्षा विद्यालय की आवश्यकता अनुसार आयोजित की जा सकती है।

शिक्षा का माध्यम सीबीएसई द्वारा निर्धारित किया जाएगा, लेकिन इसे धीरे-धीरे अंग्रेजी माध्यम में बदला जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2031-32 से इन सभी स्कूलों में शिक्षा पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में दी जाएगी। प्रधानाचार्य समय-समय पर छात्रों की शारीरिक फिटनेस और खेल गतिविधियों से जुड़े अधिगम परिणामों की भी समीक्षा करेंगे।

शिक्षकों के उप-कैडर में प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, प्रवक्ता, डीपीई, टीजीटी, सी एंड वी, पीईटी और जेबीटी शिक्षक शामिल होंगे, जबकि अंग्रेजी और गणित के प्रोफेशनल शिक्षक इस उप-कैडर का हिस्सा नहीं होंगे। उप-कैडर में चयन के लिए इच्छुक शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों के विकल्प वरीयता क्रम में चुनने होंगे। चयन लिखित परीक्षा और उसके बाद काउंसलिंग के आधार पर किया जाएगा।

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