धर्मशाला के पास स्थित ग्राम पंचायत बाघनी के वीर सपूत अक्षय कुमार (29) का भारतीय सेना की सेवा के दौरान हृदयघात से निधन हो गया। अक्षय कुमार भारतीय सेना की 19 डोगरा रेजिमेंट में तैनात थे। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
होनहार सैनिक और गांव का गौरव
अक्षय कुमार ने 2015 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देशसेवा का सपना पूरा किया। बचपन से ही वे मेधावी और कर्मठ थे, और गांव के युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहे। उनके साहस और समर्पण की वजह से गांव के लोग उन्हें बड़े सम्मान की दृष्टि से देखते थे।
नवविवाहिता पत्नी का टूटा सपना
7 अक्टूबर 2024 को अक्षय कुमार की शादी रिया कपूर से हुई थी। विवाह को अभी दो महीने ही हुए थे कि यह दुखद खबर आ गई। 30 नवंबर को शादी के बाद वे ड्यूटी पर लौटे थे। उनके जाने के कुछ ही दिनों बाद यह हादसा हुआ, जिससे नवविवाहिता रिया का जीवन गम में डूब गया। उनकी शादी की खुशियों की मेहंदी अभी तक उतरी भी नहीं थी कि शोक की यह खबर आ गई।

ड्यूटी के दौरान हुई तबीयत खराब
सेना से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह अक्षय कुमार ने ड्यूटी के दौरान सीने में तेज दर्द की शिकायत की। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव दिल्ली से एयरलिफ्ट कर धर्मशाला लाया गया।
गांव में उमड़ा जनसैलाब
अक्षय के निधन की खबर के बाद बाघनी गांव में शोक की लहर फैल गई। उनके घर पर परिवार को सांत्वना देने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। अक्षय के पिता संसार चंद एक भेड़ पालक हैं और माता सावित्री देवी गृहिणी हैं। उनका बड़ा भाई लकी कपूर चंडीगढ़ में निजी क्षेत्र में काम करते हैं, जबकि उनकी बहन की भी शादी हो चुकी है।
देश के लिए अमर बलिदान
अक्षय कुमार की देशभक्ति और साहस ने उन्हें अमर बना दिया। उनका बलिदान देश के युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। गांव वालों का कहना है कि अक्षय का बलिदान कभी नहीं भुलाया जाएगा और उनकी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
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