धर्मशाला में 18 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई स्मार्ट रोड एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सड़क का काम पूरा होने के कुछ समय बाद ही फुटपाथ की टाइलें टूटनी शुरू हो गई हैं। स्मार्ट सिटी प्रबंधन पहले भी एक बार टूटी हुई टाइलों को दुरुस्त कर चुका है और अब नई जगहों पर उखड़ी टाइलों को ठीक करने की बात कह रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के तुरंत बाद ही जगह-जगह टाइलें टूटने लगी थीं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। अरविंद, कुलविंद्र, विक्रम और कमल सहित कई स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि टाइलें लगाते समय गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते फुटपाथ की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
गौरतलब है कि यह स्मार्ट रोड धर्मशाला बस स्टैंड से स्कूल शिक्षा बोर्ड तक बनाई जानी थी, जिसकी कुल लागत 18 करोड़ रुपए तय की गई थी। स्मार्ट सिटी अधिकारियों का कहना है कि जिस-जिस स्थान पर टाइलें उखड़ी हैं, उन्हें दोबारा ठीक किया जाएगा।
स्मार्ट रोड के किनारे बनाई गई डक्ट में अंडरग्राउंड बिजली की तारें डालने के लिए सीमेंट के ढक्कन लगाए गए थे, लेकिन अब कई ढक्कन टूट चुके हैं। इससे भी सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
फुटपाथ की स्थिति भी चिंताजनक है। कई जगह कटे हुए पेड़ों के टुकड़े पड़े हैं, जबकि अन्य स्थानों पर पानी की पाइपें बाहर निकली हुई हैं। इन बाधाओं के कारण पैदल चलने वालों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्मार्ट रोड पर पार्किंग प्रबंधन के लिए नगर निगम ने यैलो लाइनें चिन्हित कर दी हैं। अब वाहन चालक इन लाइनों के भीतर ही अपने वाहन पार्क कर सकेंगे। गुरुवार को इस स्मार्ट रोड पर यैलो मार्किंग का काम पूरा किया गया।
स्मार्ट सिटी धर्मशाला के एसडीओ केवल शर्मा ने बताया कि फुटपाथ पर जहां-जहां टाइलें टूटी हैं, वहां मरम्मत का काम जारी है।
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