बिलासपुर जिले के स्वारघाट क्षेत्र में पशु तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें तस्कर तेल के टैंकर का इस्तेमाल कर मवेशियों को एक निजी स्लाटर हाउस की ओर ले जा रहे थे। इस अवैध गतिविधि का भंडाफोड़ नालागढ़ के आबकारी विभाग की जीएसटी टीम ने किया। टीम ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर गरामौड़ा के पास बुधवार देर रात एक नाका लगाया हुआ था। रात करीब 10 बजे हरियाणा नंबर का एक तेल टैंकर कीरतपुर की ओर से आता हुआ दिखाई दिया।

टैंकर को रोककर जांच के दौरान चालक से टैंकर में लोड तेल से संबंधित बिल दिखाने को कहा गया। चालक ने खुद को जाफर अली, पुत्र लालदीन, निवासी तहसील हीरानगर, जिला कठुआ, जम्मू बताया। बिल दिखाने में आनाकानी करते हुए चालक अचानक टैंकर को भगाकर बिलासपुर की ओर ले गया। टीम ने उसका पीछा किया लेकिन तेज रफ्तार के कारण टैंकर सड़क किनारे बनी नाली में फंस गया। इसके बाद चालक और एक अन्य व्यक्ति टैंकर को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए।
रात के अंधेरे में टीम को यह समझ नहीं आया कि टैंकर में क्या लोड है। सुबह उजाला होने पर जब टैंकर का ढक्कन खोला गया तो उसमें जीवित मवेशी पाए गए। टैंकर के भीतर छह बैल और तीन गऊएं भरी हुई थीं, जिनमें से एक बैल मृत अवस्था में मिला। यह मामला जीएसटी से संबंधित न होने के कारण नालागढ़ जीएसटी टीम ने स्वारघाट पुलिस थाना को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और टैंकर को विश्व मंगल गौशाला टाली पहुंचाया गया, जहां पर घंटों की मशक्कत के बाद सभी मवेशियों को बाहर निकाला गया।
इस मामले में सहायक आयुक्त राज्यकर (जीएसटी) नालागढ़ सचिन कुमार द्वारा पुलिस थाना स्वारघाट में शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के संबंध में नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा और विश्व मंगल गौशाला टाली के प्रधान पंडित रूप लाल शर्मा ने इस प्रकार की अमानवीय गतिविधियों की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा जाए।
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