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Mandi: मंडी में अधिकारियों पर जमकर बरसीं कंगना रणौत, बोलीं- जुमले नहीं, जमीन पर काम चाहिए; ‘एक दिन प्रशासन मिला तो सारी फाइलें निपटा दूंगी’

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मंडी। मंडी से भाजपा सांसद कंगना रणौत जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर जमकर नाराज हुईं। सांसद निधि और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी तथा स्वीकृत राशि खर्च न होने पर उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि फालतू के जुमले और स्पष्टीकरण नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए।

कंगना ने कहा कि दिशा की बैठकों में बार-बार एक जैसी बातें दोहराई जा रही हैं, लेकिन जमीन पर काम दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उन्हें एक दिन के लिए प्रशासनिक काम संभालने का मौका मिले तो सभी लंबित फाइलों का निपटारा कर देंगी।

स्वीकृत राशि का आधा भी खर्च नहीं हुआ

सांसद कंगना रणौत ने कहा कि केंद्र सरकार से मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए करीब 11 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, लेकिन इसका आधा हिस्सा भी खर्च नहीं हो पाया। मार्च-अप्रैल की समीक्षा में 5.50 करोड़ रुपये में से केवल 50 से 60 लाख रुपये ही खर्च हुए थे।

उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर दिशा बैठक में एक जैसी स्थिति सामने आ रही है। हम एक ही जगह खड़े हैं और सर्किल में घूम रहे हैं। कंगना ने कहा कि मीडिया में भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और पूरे देश में मजाक बन रहा है। अधिकारियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनसे अच्छी एक्टिंग तो बैठक में बैठे अधिकारी कर लेते हैं।

विकास कार्य लटकाने वाले विभागों पर भी नाराजगी

कंगना ने भू-अधिग्रहण, परमिशन और एनओसी के नाम पर विकास कार्यों में देरी करने वाले विभागों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी काम के लिए पैसा लिया गया है तो काम शुरू होना चाहिए, अन्यथा राशि वापस की जाए।

उन्होंने ऐसे लोगों से तत्काल राशि वापस लेने के निर्देश दिए, जिन्होंने सरकारी पैसा लेने के बावजूद जमीन या अनुमति से जुड़ी समस्याओं के कारण काम शुरू नहीं किया है। फर्जी तरीके से सरकारी पैसा लेने वालों पर जुर्माना लगाने और उन्हें सांसद निधि के कार्यों से हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट करने को भी कहा।

सांसद ने कहा कि किसी काम को एक-दो महीने या सालभर तक अटकाए रखना स्वीकार्य नहीं है। काम शुरू करने के लिए एक सप्ताह का समय पर्याप्त है।

बीडीओ को खड़ा कर पूछा- वेतन किस बात का?

बैठक में सांसद ने खंड विकास अधिकारियों और संबंधित स्टाफ को खड़ा कर जवाबदेही तय की। उन्होंने सवाल किया कि वेतन लेने के बावजूद काम जमीन पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा। कंगना ने कहा कि दो साल के कार्यों में औसतन 50 प्रतिशत प्रगति होना गंभीर स्थिति है।

उन्होंने प्रत्येक अधिकारी की क्षेत्रवार और प्रतिशतवार प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें 60, 40 और 20 प्रतिशत तक काम करने वाले अधिकारियों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज कर रिपोर्ट सीधे केंद्र सरकार को भेजने की बात भी कही गई।

स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर मांगा तुलनात्मक डाटा

बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूलों में लगातार घट रही बच्चों की संख्या को लेकर भी सवाल किए गए। सांसद ने केंद्र सरकार की योजनाओं के संचालन के दौरान स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी या बढ़ोतरी का तुलनात्मक डाटा अगली बैठक में पेश करने के निर्देश दिए।

दिशा समिति की बैठक में भाजपा के बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी, द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर और सरकाघाट विधायक दलीप ठाकुर ही मौजूद रहे। अन्य विधायकों के बैठक में नहीं पहुंचने पर कंगना रणौत नाराज नजर आईं। उन्होंने कहा कि विधायक अपनी राजनीति में व्यस्त हैं और उन्हें लोगों की चिंता नहीं है। उन्होंने जनहित के कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

कांग्रेस सरकार पर भी साधा निशाना

दिशा कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। उनके पास लोग प्रदेश सरकार की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।

कंगना ने आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारियों में कोई तालमेल नहीं है और दोनों ही पूरी तरह से फेल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के खिलाफ साजिशें रचने का काम कर रही है और केंद्र की योजनाओं को यहां सही ढंग से अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो योजनाएं चल रही हैं, उन पर कांग्रेसी अपने नाम के फट्टे लगा रहे हैं। कंगना ने कहा कि अगर श्रेय ही चाहिए तो विकास कार्यों पर अड़ंगा नहीं लगाना चाहिए।

‘दिशा बैठकों से कांग्रेसी विधायक नदारद’

कंगना ने कहा कि दिशा कमेटी की बैठकों से कांग्रेसी विधायक नदारद रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सी छोटी-छोटी बातों की जानकारी विधायकों को ही होती है। यदि वे बैठक में आकर समस्याएं नहीं बताएंगे तो बात आगे नहीं बनेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और उसके विधायकों को सिर्फ घटिया राजनीति आती है और वे वही कर रहे हैं।

75 करोड़ की पीएम ग्राम सड़क योजना समेत कई परियोजनाओं में अड़चन

मीडिया से बातचीत में कंगना ने कहा कि करीब 75 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत कई परियोजनाओं में अड़चनें आ रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायकों पर जनहित के कार्यों में रुचि नहीं लेने और शिलान्यास की राजनीति करने का आरोप लगाया।

सांसद ने प्रशासनिक स्तर पर बाबू संस्कृति और सुस्ती को केंद्रीय योजनाओं के प्रभावित होने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम भी अपेक्षित गति से नहीं हो पाए हैं।

कंगना ने चेतावनी दी कि अगली दिशा बैठक से पहले जमीन पर बदलाव दिखाई देना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट केंद्र सरकार के समक्ष रखी जाएगी।

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